लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक साल में मोदी सरकार गिरने की भविष्यवाणी की, बयान को लेकर भाजपा व कांग्रेस अमाने सामने
नई दिल्ली। लोसकभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आर्थिक सुनामी और एक साल के भीतर मोदी सरकार के गिर जाने वाले बयान के बाद राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। भाजपा और कांग्रेस के प्रवक्ता एक दूसरे पर बुरी तरह से हमलावर हैं। बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने राहुल गांधी के बयान को सही ठहरा दिया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर बाकायदा वीडियो जारी कर कहा है कि राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ़ देश में ‘भयंकर आर्थिक सुनामी’ आ रही है, वहीं दूसरी तरफ़ देश में ‘संस्थागत विद्रोह’ हो रहा है. उन्होंने इसके पीछे पीएम मोदी और भारतीय जनता पार्टी को ज़िम्मेदार ठहराया। राहुल गांधी ने कहा, “एक तरफ़ से भयंकर आर्थिक सुनामी आ रही है. क़ीमतें बढ़ रही हैं. ऐसा आर्थिक संकट आएगा हिन्दुस्तान में, जो आपने कभी नहीं देखा होगा. इसको अब कोई नहीं रोक सकता. दूसरी तरफ़, हिन्दुस्तान के सिस्टम के अंदर इंस्टिट्यूशनल रिवोल्ट (संस्थागत विद्रोह) हो रहा है।” उन्होंने दावा किया, “आप सोचते हैं कि चुनाव आयोग पूरी तरह से कंट्रोल्ड है. लेकिन वो तीन साल पहले पूरी तरह कंट्रोल में था. मुख्य चुनाव आयुक्त के मैसेज मेरे पास आ रहे हैं. इंटेलिजेंस सिस्टम के हेड, सीनियर ज्यूडिशियरी, सारे के सारे विद्रोह कर रहे हैं. जानकारी दे रहे हैं हमें।” “तो जो कंट्रोल का सिस्टम था वो अंदर से ढह रहा है. क्योंकि इन लोगों को दिख रहा है कि जनता का प्रेशर ऐसा भयंकर आएगा और अगर हम इस रास्ते पर चलते गए तो, हमारे लिए ख़तरा हो जाएगा।”
भाजपा और विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर
राहुल गांधी के बयान के बाद भाजपा और विपक्षी दल एक दूसरे पर हमलावर हैं। भाजपा के प्रदीप भंडारी सरीखें प्रवक्ताओं ने राहुल गांधी के बयान को अराजकता फैलने वाला करार दिया है। साथ ही कहा है कि देश में बदअमनी फैलाना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं ने राहुल के बयान को गंभीरता से लिए जाने की बात कही है। शिवसेना के संजय राउत, प्रियंका चतुर्वेदी, आप के संजय सिंह व कांग्रेस के कई प्रवक्ताओं ने भी राहुल गांधी के बयान का बचाव करते हुए सरकार से आर्थिक सुनामी से देश को बचाने का उपाय करने का आग्रह किया है।
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