नई दिल्ली। जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की बर्बरता ने पूरी दुनिया में भारत की साख को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने प्रदर्शनकारियों पर हुए इस ‘क्रैकडाउन’ की आलोचना करते हुए इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के चेयर ऑफ बोर्ड आकार पटेल ने “दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से गंभीर सवाल उठते हैं कि क्या उनका रवैया अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के तहत क़ानूनी, ज़रूरी और उचित था. हम दिल्ली पुलिस से संयम बरतने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ ग़ैर-क़ानूनी बल का इस्तेमाल तुरंत बंद करने की अपील करते हैं।”
एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि “अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ग़ैर-क़ानूनी व्यवहार के सभी आरोपों की तुरंत, स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से जांच हो। तमाम ऐसे पूर्व आईपीएस हैं जिन्होंने जो कुछ दिल्ली में युवाओं के साथ हुआ उसकी कठोर आलोचना की है। साथ ही इसके लिए सीनियर स्तर पर जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि सीनियर के आदेश पर ही इस प्रकार की बर्बरता नीचे के पुलिस वाले करते हें।
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