नई दिल्ली। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर की गई बमबारी के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान ने कुवैत, बहरीन, कतर, ओमान और जॉर्डन में स्थित 21 अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरानी मिसाइलों की शक्ल में आसामान से बरसी मौत से अमेरिका के मित्र देशों में तबाही मच गयी है। वो बेहद डरे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर अल-उदैद एयरबेस (कतर) और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के ठिकानों पर घातक बैलिस्टिक मिसाइलें (जिनमें फतेह मिसाइल भी शामिल है) और आत्मघाती ड्रोन दागे गए। इन हमलों के बाद तनाव अपने चरम पर है।
ईरान ने कच्चे तेल के पानी के रास्ते को स्ट्रेट होर्मूज को बेमियादी बंद कर दिया है। इसको अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जिसके कारण स्ट्रेट हाेर्मूज में ईरानी बंदिशों की आशंका से ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent crude) की कीमतों में भारी उछाल आया है। जुलाई की शुरुआत से अब तक ईरान होर्मुज और ओमान के पास कम से कम 9 वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइल, बारूदी सुरंग (Mines) और आत्मघाती ड्रोन से हमले कर चुका है। IRGC ने हाल ही में MSC FRANCESCA और EPAMINONDAS नामक दो बड़े कार्गो जहाजों को बिना अनुमति क्षेत्रीय जलसीमा पार करने के आरोप में ज़ब्त कर लिया है।
ईरान की चेतावनी
ईरान का कहना है कि यह जलमार्ग उसकी समुद्री सीमा में है, इसलिए बिना IRGC की इजाजत के किसी भी जहाज को गुजरने नहीं दिया जाएगा। ईरान ने लाल सागर के बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को भी निशाना बनाने की धमकी दी है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के दक्षिणी हिस्से में बड़े पैमाने पर समुद्री बारूदी सुरंगें (Naval Mines) बिछाई हैं, जिसके कारण पूरा जलमार्ग एक खतरनाक ‘माइनफील्ड’ में तब्दील हो चुका है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और सैटेलाइट इमेज के अनुसार, ईरान छोटी और तेज रफ्तार नौकाओं का इस्तेमाल करके बेहद गुप्त तरीके से इन माइंस को तैनात कर रहा है। : IRGC ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि दक्षिण होर्मुज में बिछाई गई बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से दो बड़े तेल टैंकर (Oil Tankers) धमाके के साथ फट गए और उनमें भीषण आग लग गई। [
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