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युवाओं पर बर्बरता के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन

युवाओं पर बर्बरता के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन

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युवाओं पर बर्बरता के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन
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मेरठ। पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में आज कलेक्ट्रेट में छात्रों व अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में दिल्ली पुलिस के रवैये के उच्च स्तरीय जांच की मांग की गयी है। तमाम लोग अधिवक्ता एवं छात्र नेता आदेश प्रधान, किसान नितिन बालियान तथा छात्र नेता अनुज भड़ाना के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलैक्ट्रेट में भी जोरदार प्रदर्शन किया।

छात्र-छात्राओं पर दर्ज FIR हो निरस्त

राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने, आंदोलन में शामिल छात्र-छात्राओं के विरुद्ध दर्ज सभी एफआईआर तत्काल प्रभाव से निरस्त करने तथा दोषी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ का उत्तर संवाद, संवेदनशीलता और सकारात्मक निर्णयों से दिया जाना चाहिए, न कि लाठीचार्ज, दमन और मुकदमों से। अनुज भड़ना ओर जयराज चपराना , राहुल गुप्ता अराजक ने कहा कि नई दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर कथित लाठीचार्ज तथा उसके बाद उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। यदि कोई छात्र अपने भविष्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को शांतिपूर्ण ढंग से उठाता है, तो उसे अपराधी की तरह प्रस्तुत करना युवाओं के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। इससे देशभर के विद्यार्थियों में भय, असंतोष और निराशा का वातावरण उत्पन्न होता है।

लाठियों से नहीं दबेगा आंदोलन

अधिवक्ता एवं छात्र नेता आदेश प्रधान ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ को लाठियों और मुकदमों से नहीं दबाया जा सकता। देश का युवा केवल अपने भविष्य, बेहतर शिक्षा और निष्पक्ष व्यवस्था की मांग कर रहा है। यदि छात्रों की आवाज़ उठाने पर उन्हें लाठीचार्ज और मुकदमों का सामना करना पड़ेगा तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा दें, छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएँ तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। छात्र नेता नितिन बालियान ने कहा कि देश का युवा न्याय, पारदर्शिता और सम्मान चाहता है। छात्र नेता गौरव राणा राहुल वार्ना ने कहा कि विद्यार्थियों को डराकर नहीं, बल्कि विश्वास और संवाद के माध्यम से आगे बढ़ाया जा सकता है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लिया जाए, नई दिल्ली में छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, बल प्रयोग का आदेश देने वाले तथा इसके लिए जिम्मेदार पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, घायल छात्र-छात्राओं को समुचित चिकित्सा सुविधा एवं मुआवजा दिया जाए, आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाएँ, भविष्य में किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन पर अनावश्यक बल प्रयोग रोकने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ तथा छात्र संगठनों के साथ सम्मानजनक संवाद स्थापित कर उनकी मांगों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

ये रहे मौजूद

छात्र नेता आदेश प्रधान ने बताया कि प्रदर्शन में छात्र नेता अनुज भड़ाना, आकाश भड़ाना, राहुल वर्मा, शुभम उपाध्याय, विजरा चपराना, राहुल अरजक, नितिन बालियान, समाजवादी नेता जानू चौधरी, गौरव राणा, रोहित सिंह, रचित सिंह, शुभम राणा सहित अनेक छात्र-छात्राएँ, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच, निर्दोष छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग का समर्थन किया।

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