मेरठ। नगर निगम ने दिल्ली रोड शताब्दी नगर इलाके में अभियान चलाकर सड़कों को कब्जा मुक्त कराया। इस इलाके में व्यापक स्तर पर कुछ भूमाफियाओं ने सड़कों पर कब्जे कर दिए थे। नगर निगम प्रशासन अनेक बार इनको चेतावनी दे चुका था, लेकिन दबंगई के चलते ये लोग सड़कों पर कर लिए गए कब्जों को छोड़ने को तैयार नहीं थे। पूरे महानगर में नगरायुक्त सौरभ गंगवार के निर्देश पर नाले नालियों को कब्जा मुक्त कराए जाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में निगम की टीम प्रवर्तन दल को लेकर दिल्ली रोड शताब्दी नगर पहुंची और वहां अभियान चलाकर जेसीबी की मदद से अवैध कब्जों को हटवाया गया। जिनके अवैध कब्जों को सरकारी जमीन से हटया जा रहा था उन्होंने जमकर हंगामा भी किया। हालांकि निगम के दस्ते ने हंगामे के बाद भी अभियान को नहीं रोका और मौके पर मौजूद निगम के अफसरों की मौजूदगी में जेसीबी गरजती रही। प्रवर्तन दल ने बाधा डालने वालों को जेसीबी के आडे नहीं आने दिया।
मची अफरा-तफरी
नगर निगम के दस्ता जब शताब्दीनगर इलाके में जहां अभियान चलाया जाना था वहां पहुंचा तो लोगों में अफरा-तफरी मच गयी। इस इलाके में तमाम नियम कायदाें ठोकर मारकर कुछ लोगों ने ढावे बना लिया। चाय पानी व बीडी सिगरेट के खोखे डाल दिए। जब इन्होंने देखा कि निगम की जेसीबी उन्हें हटाने को पहुंच गयी तो एकत्र होकर हंगामा शुरू कर दिया। सहायक नगरायुक्त , संपत्ति अधिकारी भोलानाथ गौतम, प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल संजीव तोमर सेना मेडल, पटवारी रूद्रेश व राजकुमार तथा प्रवर्तन दल ने लोगों काे समझाने का प्रयास किया कि सरकारी जमीन पर इस तरह से कब्जा करना गैर कानूनी है और आप लोगों ने तो सड़क पर ही कब्जा कर लिया है। इसी बात को लेकर वहां हंगामा शुरू हो गया। जब हंगामा बढ़ने लगा तो प्रवर्तन दल फिर सख्ती से पेश आया और हंगामा करने वालों को वहां से खदेड़ दिया। एक शख्स जिसने वहां ढावानुमा खोखा डाला हुआ था, उसने बताया कि वह नगर निगम का किराएदार है। हालांकि उसने अरसे से किराया नहीं जमा किया था। ध्वस्तीकरण दस्ते को देखकर उसने मौके पर ही निगम के संपत्ति अनुभाग के स्टाफ को किराए के पैसे देकर रसीद कटायी। उसको हिदायत दी गयी कि हर समय किराया जमा करे। इस शख्स ने समय पर किराया ना जमा करने की अपनी गलती भी स्वीकार की।
कई अवैध कब्जे हटाए
निगम के दस्ते ने यहां अभियान चलाकर अनेक कब्जे हटाए। जिन लोगों ने होटल ढावे आदि खोल लिए था तथा खोखे डाल दिए थे उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान अफरा-तफरी मची रही, लेकिन अफसरों ने निगम की जेसीबी को नहीं थमने दिया। प्रवर्तन दल विरोध करने वालों से सख्ती से पेश आया। नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने चेतावनी दी है कि जिन्होंने नाले नालियों पर कब्जे किए हुए हैं वो अपने कब्जे स्वयं हटा लें। अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से कहा कि निजी स्वार्थ के लिए नाले नालों पर अवैध कब्जे कर सफाई में बाधा डालने का काम ना करें, क्योंकि इससे बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। सौरभ गंगवार ने कहा कि पूरे महानगर में कहीं भी जलभराव का होना उन्हें स्वीकार्य नहीं।
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