मेरठ। हापुड़ स्टैंड गोला कुंआ मार्ग स्थित एक दुकान के बड़े हिस्से पर एनएचएआई व नगर निगम के द्वारा जेसीबी से ध्वस्तीकरण के बाद बवाल हो गया। इस कार्रवाई से इलाके के व्यापारियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और संयुक्त व्यापार संघ अजय गुप्ता के नेताओं में उबाल है। दुकानदार का आरोप लगाया कि कोर्ट का स्टे होने के बाद भी बुल्डोजर चलाया गया। उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला दायर करने की भी बात कही है। वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर पूरे इलाके में अफरा-तफरी मची रही। इस कार्रवाई से कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती थी। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां थाना लिसाड़ीगेट के अलावा थाना कोतवाली और थाना नौचंदी की भी पुलिस फोर्स मौजूद थी। सीओ कोतवाली संग्राम सिंह भी पहुंच गए। यह मामला भाजपा के बड़े नेताओं तक पहुंच गया है।
यह है पूरा मामला
लिसाड़ीगेट क्षेत्र के हापुड़ स्टैंड गोला कुंआ मार्ग पर प्रसिद्ध जगन छोले भठूरे दुकान पर नगर निगम और एनएचएआई की टीम पहुंची। ये लोग जेसीबी लेकर चल रहे थे। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर जाते ही जगन छोले भठूरे की दुकान पर जेसीबी का पंजा चला दिया और अगले ही पल दुकान का बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों में भारी रोष देखने को मिला। दुकानदार का आरोप है कि वह न्यायालय से स्टे ऑर्डर लेकर आया था, इसके बावजूद दुकान के एक हिस्से पर आज नगर निगम की टीम के द्वारा बुलडोजर चला दिया गया। निगम का दस्ता दोपहर को करीब एक बजे मौके पर पहुंचा। आरोप है कि दुकानदार को मौका दिए बगैर ही तोड़फोड़ शुरू कर दी गयी। दुकानदार कहता रह गया कि उसके पास अदालत का स्टे हैं, लेकिन कोई भी उसकी सुनने को तैयार नहीं था। शहर की पुरानी आबादी वाला इलाका होने की वजह से मौके पर भारी भीड़ जमा हो गयी। वहां के हालात तनावपूर्ण नजर आने लगे। सबसे पहले सूचना व्यापारी नेता अंकुर गोयल को मिली तो वह मौके पर पहुंच गए। उनके कॉल किए जाने पर वहां भाजपा नेता कमलदत्त शर्मा, संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, मंत्री अंकुर गोयल खंदक, ललित अमूल, सरदार दलजीत सिंह, भाजपा नेता नवजीत भाटिया, सरदार दलजीत सिंह, भगत सिंह मार्केट के प्रधान आलोक गर्ग, हेमंत चावला सहित पूरे शहर से बड़ी संख्या में भाजपाई व व्यापारी नेता मौके पर पहुंच गए और बुल्डाेजर की कार्रवाई का विरोध किया।व्यापारियों का कहना है कि यदि किसी के पास न्यायालय का आदेश है तो उसका सम्मान होना चाहिए। प्रशासनिक कार्रवाई कानून के दायरे में और पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरा व्यापारिक समाज एकजुट है और अन्याय के विरुद्ध सदैव खड़ा रहेगा। इस मामले को लेकर इलाके के व्यापारियों में भी जबरदस्त नाराजगी है। उन्होंने इसको अन्याय करा देते हुए आंदोलन तक की चेतावनी दे डाली है।
पहले भी हो चुका है बवाल
अंकुर गोयल ने बताया कि इस मामले को लेकर एनएचएआई के अधिकारी पहले भी बवाल कर चुके हैं। इस मामले को लेकर पूर्व में एनएचएआई के जेड खान व रईस खान के साथ बातचीत के बाद यह मामला निपट गया था, लेकिन आज एनएचएआई के दोनों अधिकारी नगर निगम की जेसीबी लेकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि एनएचएआई अधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट नवीन श्रीवास्तव को आधी अधुरी जानकारी दी । वहीं दूसरी ओर आज जब मौके पर व्यापारी नेताओं ने एनएचएआई और निगम के अफसरों को घेर लिया और सड़क की पैमाइश कराने की बात कही तो अधिकारी वहां बजाए पैमाइश कराने के तेजी से निकल गए। अधिकारियों के रवैये को लेकर कमलदत्त शर्मा व अजय गुप्ता ने एडीएम सिटी ब्रिजेश कुमार सिंह से बात की है।
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