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चुनाव से पहले कैप्टन को कांग्रेस की हां का है इंतजार

चुनाव से पहले कैप्टन को कांग्रेस की हां का है इंतजार

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चुनाव से पहले कैप्टन को कांग्रेस की हां का है इंतजार
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साल 2024 में पत्नी परनीत के चुनाव हारने के बाद भाजपा से हो गया था मोह भंग, कांग्रेस में वापसी की राहत तलाश रहे हैं पूर्व सीएम

नई दिल्ली। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में संभावित वापसी को लेकर इन दिनों पंजाब की राजनीति में अटकलें काफी तेज हो गई हैं। हालांकि, उनकी वापसी को लेकर अभी संशय की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि कांग्रेस आलाकमान और राज्य नेतृत्व की ओर से इस पर अंतिम मुहर (“हां”) का इंतजार है। कांग्रेस शासनकाल में पंजाब के सीएम रहे कैप्टन अमरेन्द्र सिंह को एक बार फिर से कांग्रेस की याद सताने लगी है। वह कांग्रेस में वापसी का रास्ता तलाश रहे हैं, लेकिन कांग्रेस अभी उन्हें इंतजार कराने के मूड में है। दरअलस साल साल 2024 में पत्नी परनीत के चुनाव हारने के बाद कैप्टन का भाजपा ने मोह भंग हो गया और उन्होंने दूरी भी बना ली। दूरी ही नहीं बनायी उन्होंने पंजाब को लेकर भाजपा पर बेहद गंभीर आरोप भी लगाए।

सचिन पायलट ने भी नहीं किया कुछ स्पष्ट

पंजाब के प्रभारी पूर्व कैबिनेट मंत्री सचिन पायलट ने भी कैप्टन अमरेन्द्र की दरखास्त पर कुछ खास नहीं बोला। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब के प्रभारी सचिन पायलट ने जयपुर में 11 सितंबर को मतदान किया. वोट डालने के बाद उन्होंने कहा है कि पंजाब में पार्टी किसी को सीएम का चेहरा नहीं बनाएगी. कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर अभी पार्टी में कोई बात नहीं हुई है। पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी. नशा मुक्ति, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार तीन बड़े मुद्दे होंगे।कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में वापसी के कयासों पर उन्होंने कहा, “मेरी इस पर किसी से चर्चा नहीं हुई है। पार्टी ने इस विषय पर अभी मेरे साथ कोई संवाद नहीं किया है।”

आप खत्म भाजपा को जनता ने दिया नकार

सचिन पायलट ने कहा कि वह हफ्ते भर के अंदर पंजाब जाएंगे। जल्दी राहुल और प्रियंका गांधी भी पंजाब का दौरा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि आम आदमी पार्टी पूरी तरह बिखर चुकी है और बीजेपी का वहां कोई जन आधार नहीं है। अकाली दल भी अब पहले जैसी नहीं है। बीजेपी और अकाली दल दोनों ही अपनी जमीन तलाशने के लिए एक दूसरे का साथ लेने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हम सभी जान रहे हैं कि जब बीजेपी और अकाली दल का गठबंधन था तब भी वो बुरी तरह हारे थे। वो कितनी भी कोशिश कर लें, मुख्य मुकाबला पंजाब में आप और कांग्रेस का होगा।

जल्द औपचारिक चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे- पायलट

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पंजाब की अहमियत देश के लिए हैं. वो एक अहम सूबा है और बॉर्डर स्टेट है. वहां पर अगले साल चुनाव होंगे. उन्होंने कहा, “पार्टी ने मुझे जिम्मेदारी दी है. मैंने दो दिनों में प्रदेश के सभी नेताओं से मुलाकात की है. जल्द ही औपचारिक चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे. आम आदमी पार्टी की सरकार को ऐतिहासिक बहुमत मिला था. लेकिन सरकार ने सिर्फ अपनी पार्टी के लीडरशिप को संरक्षण दिया और प्रदेश के लोगों को ताक पर रख दिया. ड्रग्स का मुद्दा सबसे बड़ा है. अब जब सरकार का कार्यकाल खत्म हो रहा है तो बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं.”

राजस्थान निकाय चुनाव

राजस्थान निकाय चुनाव पर उन्होंने कहा कि ये चुनाव सिर्फ इसलिए हो रहे हैं क्योंकि हाई कोर्ट ने लताड़ लगाई थी। सरकार ने तमाम बहाने देकर चुनाव को टालने की कोशिश की थी। अभी भी ग्राम पंचायत और प्रधान प्रमुखों के चुनाव घोषित नहीं किए गए हैं। सिर्फ पालिकाओं और परिषद के चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों में उम्मीद करते हैं कि लोग अपना वोट डालेंगे और शहरों के अंदर पहले जिस तरह का विकास हो रहा था वो थम गया है। लॉ एंड ऑर्डर राजधानी में खराब है. ऐसे में गावों का क्या हाल है ये सोचा जा सकता है। हमारी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी।
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