मेरठ। नगर निगम के कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई को जिलाधिकारी डा. वीके सिंह ने नगरायुक्त सौरभ गंगवार को पत्र लिखकर कार्रवाई को कहा है। दरअसल बीती 11 सितंबर को वाल्मीकिे चेतना मंच उत्तर प्रदेश ने स्थानीय निकायों के कर्मचारियों की मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया था। प्रदर्शनकारियों की तमाम मांगे नगर निगम से संबंधित हैं, जिसको लेकर डीएम ने नगरायुक्त को पत्र लिखा है। कर्मचारी नेता विनेश विद्यार्थी ने डीएम द्वारा नगरायुक्त को भेजे गए पत्र की जानकारी दी है। वहीं दूसरी ओर जो ज्ञापन डीएम को दिया गया है उसमें अवगत कराया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के अनेकों फैसले और श्रम कानूनों के अनुसार,सफाई का कार्य नियमित प्रकृति की बारहमासी स्थाई, आवश्यक सेवा है, को ठेकेदारी में नहीं दिया जा सकता है। उ प्र की नगरीय निकायों में, सफाई कर्मियों को ठेकेदारी प्रथा से मुक्ति दिलाये। सरकार स्पष्ट करें कि नियमित प्रकृति की आवश्यक सेवा को अनुबंध मुक्त करने वाले कानून और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं मानेंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट करें कि सफाई कर्मियों को इसलिए ठेकेदारी में बनायें रखना चाहते हैं ताकि आउटसोर्स/ठेकेदारी में उन्हें गुजर बसर से बहुत कम पैसे मिलते रहे, कम पैसों के कारण यानि तंग तुरसी की वजह से सफाई कर्मियों के बच्चों को न तो भरपेट भोजन उपलब्ध होगा और न अच्छी शिक्षा हासिल कर सकेंगे, जब सफाई कर्मी समाज, शिक्षित वंचित होगा तो वह सत्ता से न सवाल करेगा और न अधिकार मांगेगा, यही उ प्र का का गुप्त एजेंडा है। ज्ञापन में आरोप लगाया है कि उ प्र सरकार स्पष्ट करें कि वह सफाई कर्मी वर्ग को, गटर, सेप्टिक टैंक, सीवर में दम तोडते हुए देखना,चाहती है। भाजपा सरकारों की सफाई कर्मियों के प्रति वैमनस्यता,कुरुता की यह एक बानगी।
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