व्यापारी नेता ने लगाया मस्जिद के मौलाना पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप, पुलिस को थमाई तहरीर
मेरठ। रेलवे रोड इलाके के केसरगंज स्थित मस्जिद मामले में आज तूल पकड़ लिया। केसरगंज के कारोबारी व व्यापारी नेता ईश्वर चंद कंसल ने मस्जिद के मौलाना पर जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद के मौलाना और उनके पुत्र तथा दर्जन भर अज्ञात लोगों ने सरेआम उनकाे घेर लिया। मारपीट पर उतारू हो गए। सड़क से ईट उठाकर हमला कर दिया। व्यापारी ने पुलिस को बताया कि केसरगंज मंड़ी की एक मस्जिद में अवैध निर्माण चल रहा है जिसकी उन्होंने डीएम व मेडा वीसी से शिकायत की है। उसी के चलते उन पर हमला कर जान से मारने की धमकी दी गयी। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपियों पर मुदकमा दर्ज करने की मांग की है।
यह है पूरा मामला
इससे तीन दिन पहले केसरगंज के व्यापारी डीएम से मिले थे। उन्होंने सीएम योगी को संबोधित एक ज्ञापन दिया, जिसमें कहा गया है कि केसरगंज मंडी में पहले नवाज़ पढ़ने के लिए पल्लेदारो को थोडी जगह दी गई थी, जिसमें 10 -12 लोग नवाज़ पढते थे। उसको पहले छोटी मस्जिद का रूप देकर नवाज़ पढने लगे। मंजिद के बाहर सडक पर खुला शौचालय बना दिया जिस कारण हिन्दू महिलाओ को शर्म आने लगी है। कुछ दिनों से बाहरी व्यक्तियों द्वारा नवाज़ के अधिक से अधिक लोग अपने वाहन लेकर आने लगे जिससे मण्डी मे रास्ता बन्द हो जाता है। अब कुछ लोगों द्वारा मंजिद मे अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है। पहले मंजिद के अन्दर अन्दर दीवारें बनाकर लैटर व पिलर खडे किये अब लैटर की तैयारी चल रही थी यहां के परिवार व व्यापारियों को पीलर दिखाई देने पर जब पता चला मण्डी का माहोल खराब न हो इसकी सूचना थाना रेलवेरोड को देकर लैटर का कार्य को रुकवा दिया गया था हम सब हिन्दू परिवार आपसे अनुरोध करते है मंजिद के अन्दर शासन प्रशासन की बिना अनुमति के अवैध निर्माण कार्य न हो तथा जो अवैध किया गया है उसे ध्वस्त कराय जाए। ज्ञापन देने वालों में हिन्दू नेता सचिन सिरोही, मेरठ मर्चेट एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन बंसल, नरेन्द्र गोयल, ईश्वर चंद, गौरव गोयल, प्रेम अग्रवाल, सोनी आदि भी शामिल रहे।
भाजपाइयों ने बनायी थी दूरी
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात भाजपाइयों और व्यापार संघ के द्वारा दूरी बना ली गयी थी। इस प्रकरण के चलते मस्जिद में अवैध निर्माण का विरोध करने वालों ने भाजपा के तमाम बड़े नेताओं को कॉल की, कुछ ने कॉल रिसीव की तो कुछ ने अनदेखी कर दी। कुछ ने असमर्थता जता दी। मौके पर कोई नहीं पहुंचा। गनिमत यह रही है कि फायरब्रांड सचिन सिरोही पहुंच गए। वैसे भाजपाइयों के ना पहुंचने या इस मामले में ना कूदने के पीछे बड़ी वजह शहर और दक्षिण विधानसभा के विधानसभा चुनाव माने जा रहे हैं।
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