जंग से बाहर निकलने का रास्ता नहीं तलाश पा रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप, ईरान जंग में बुरी तरह से थक रहा है अमेरिका
नई दिल्ली। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर एक बड़ा मिसाइल हमला किया है। इस ताजा संघर्ष के तहत ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सेना के अल-अज़रक (Al-Azraq) एयरबेस को निशाना बनाकर करीब 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। वहीं दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति चाह कर भी ईरान से चल रही जंग से अपने देश को नहीं निकाल पा रहे हैं। ईरान से चल रही जंग में अमेरिका अब बुरी तरह से थक गया है। यह हमला अमेरिका द्वारा की गई एक बड़ी कार्रवाई का सीधा जवाब था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ओमान की खाड़ी और खार्ग द्वीप के पास ईरान के 5 तेल टैंकरों को तबाह कर दिया था, क्योंकि ईरान ने कथित तौर पर एक अमेरिकी युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की कोशिश की थी। इसी के पलटवार में ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इस हमले में पहली बार क्लस्टर (Cluster) बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। ये मिसाइलें हवा में जाकर कई छोटे बमों (Submunitions) में टूट जाती हैं, जिससे एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इन्हें रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है। ईरानी मीडिया और IRGC का दावा है कि इस हमले में अमेरिकी एयरबेस पर मौजूद फाइटर जेट्स के शेल्टर, मेंटेनेंस हैंगर और विमानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
बुरी तरह थक रहा है अमेरिका
इस जंग में अब अमेरिका बुरी तरह से थक रहा है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान का हौसला और उसकी सैन्य क्षमताएं अभी भी बनी हुई हैं। अमेरिका को मध्य पूर्व में अपने हजारों सैनिकों और संसाधनों को लंबे समय तक बनाए रखने में भारी आर्थिक और साजो-सामान का बोझ उठाना पड़ रहा है दरअसल में ईरान सीधे तौर पर अमेरिका की पारंपरिक सैन्य ताकत से मुकाबला करने के बजाय सस्ते ड्रोन, मिसाइलों और बारूदी सुरंगों का उपयोग कर रहा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों और क्षेत्रीय ठिकानों को निशाना बनाकर अमेरिकी हितों को चुनौती दी है।
USS Abraham Lincoln
यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) को ईरानी मिसाइलों से कितना नुकसान पहुंचा है, इसे लेकर दोनों देशों के दावे पूरी तरह विरोधाभासी हैं। युद्ध के दौरान इस परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) पर सीधे हमले और उसके नुकसान की कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और वहां के सरकारी मीडिया ने दावा किया था कि उन्होंने ओमान की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास यूएसएस अब्राहम लिंकन पर कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागीं। ईरानी नौसेना के अनुसार, उनके हमलों ने युद्धपोत को “गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त” (Sustained Heavy Damage) किया। कुछ ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में यहाँ तक दावा किया गया कि हमले के डर से या नुकसान के बाद यह पोत उस मिशन क्षेत्र को छोड़कर हिंद महासागर की ओर चला गया था।
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