नई दिल्ली। अमेरिकी अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ट्रंप के ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए मतदान किया गया है। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इससे अमेरिका क्या ईरान के खिलाफ जंग रोकने का एकतरफा एलान कर सकता है। चार रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट सांसदों के साथ मिलकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कठोर और सार्वजनिक रूप से निंदा की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अभी भी उन्हें ईरान पर दोबारा हमला करने से रोकने में असमर्थ है। दरअसल अमेरिका में ट्रंप की ईरान के साथ युद्ध नीति का अब जबरदस्त विरोध किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इसीलिए डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ किसी भी तरह से लड़ाई से बाहर निकलने को आतुर हैं, हालांकि यह भी सच है कि जंग से बाहर निकलने का रास्ता अभी तक ट्रंप को नहीं मिल सका है। उल्टे ईरान ही अब एग्रेसिव नजर आता है।
ईरान से अमेरिका और इजरायल की जंग चौथे महीने में प्रवेश कर चुकी है। यह बात सही है कि ईरान को जान और माल दोनों का भारी नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन इसकी बड़ी कीमत अमेरिका और खासतौर से इजरायल ने भी चुकाई है। ईरानी मिसाइलों ने इजरायल के तेलअबीब के एक बड़े हिस्से को गाजा बना डाला है। ईरानी मिसाइलों से अब आम इजरायली बुरी तरह से डरने लगा है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रक की ईरान से युद्ध नीति के खिलाफ मतदान करने वाले सांसदों का माना है कि ट्रंप को ईरान से संघर्ष को समाप्त करने के लिए मजबूर करने का पहला सफल प्रयास है, जिसके विनाशकारी परिणाम बढ़ते जा रहे हैं, जिनमें हजारों नागरिकों की मौत से लेकर वैश्विक व्यापार में व्यवधान शामिल हैं।
ईरान मानने को तैयार नहीं
28 फरवरी को अचानक ईरान पर थोपे गई जंग से अब तक कई उतार चढ़ाब इस दौरान देखने को मिले हैं। ईरान ने अपने सर्वोच्च धार्मिक नेता को खो दिया। उसके कई टॉप कमांडर मारे गए। शुरू के दो दिन में ट्रंप और नेतन्याहू मानकर चल रहे थे कि ईरान तीसरे दिन घुटनों पर आ जाएगा, लेकिन अब तक जो कुछ सामने आया है उससे यह साफ है कि इजरायल और अमेरिका की स्थिति ईरान के सामने मिमयाने सरीखी है। डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू तमाम कोशिशों के बाद भी ईरान काे घुटनों पर नहीं ला सके हैं। और तो और जिस स्ट्रेट होर्मूज को खुलवाना ट्रंप ने प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था उसको खुलवाना तो दूर की बात ईरान ने पानी के दूसरे रास्ते को भी बंद करने की चेतावनी दुनिया को दे डाली है। पश्चिम की मीडिया रिपोर्टस में कहा जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के लिए लड़ाई का जो चक्रव्यूह तैयार किया था उसमें ट्रंप और नेतन्याहू खुद फंस गए हैं। उन्हें इसमें से निकलने का रास्ता नहीं सूझ रहा है।
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