नई दिल्ली। अमेरिका (US) और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है और हाल ही में दोनों देशों के बीच हुआ युद्धविराम (Ceasefire) टूट चुका है。स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के कई शहरों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं जिसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी वक्त जंग के शोले भड़क सकते हैं, लेकिन इस बार यदि जंग शुरू हुई तो ईरान को तो पता नहीं क्या होगा, लेकिन अमेरिका का बर्बाद होना तय माना जा रहा है। पिछली बार सौ दिन से ज्यादा चली जंग ने अमेरिका की चूले हिलाकर रख दीं और इजरायल अभी तक ईरान की मार से उबर नहीं पाया है। तेल अबीब को ईरानी मिसाइलों ने नर्क बना दिया। हालांकि ईरान को इसकी भारी और बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। ईरान ने अपने सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई को हमेशा के लिए खो दिया। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई के नाम से एक लिखित संदेश जारी हुआ जिसमें ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने वालों का शुक्रिया अदा किया गया है। उनका यह संदेश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरानी सरकार को चेतावनी देने के बाद आया है।मोजतबा ख़ामेनेई ने एक लिखित संदेश में कहा है कि उनके पिता का ‘बदला’ लिया जाना चाहिए।
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