Home Delhi चंपत व अनिल मिश्रा की छुट्टी तय सीईओ की नियुक्ति
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चंपत व अनिल मिश्रा की छुट्टी तय सीईओ की नियुक्ति

चंपत व अनिल मिश्रा की छुट्टी तय सीईओ की नियुक्ति

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चंपत व अनिल मिश्रा की छुट्टी तय सीईओ की नियुक्ति
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नई दिल्ली/अयोध्या। राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी और अनियमितताओं के आरोपों के बीच ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा की श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से छुट्टी तय मानी जा रही है। यदि ऐसा वाकई हुआ तो फिर जो आरोप चंपक राय और अनिल मिश्रा पर लगाए जा रहे हैं वो सही साबित मान लिए जाएंगे। लगातार लगाए जा रहे गंभीर आरोपों और आए दिन होने वाले खुलासों के बाद दोनों ने जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में इन इस्तीफों पर अंतिम फैसला लिया जा रहा है।  यह बैठक अयोध्या राम मंदिर में दान में हेराफेरी की जांच के बीच हो रही है। ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के मठ ‘मणि राम छावनी’ में यह पहली बैठक होगी। सूत्रों के अनुसार, बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला मुख्य मुद्दा होगा। दान चोरी के विवाद से नाम जुड़ने के बाद दोनों ने पद छोड़ दिया था। इस्तीफे स्वीकार होने पर, ट्रस्ट के नए प्रशासनिक ढांचे पर विचार किया जाएगा।  बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की भूमिका पर भी चर्चा की उम्मीद है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने सभी नियमित और पदेन सदस्यों को चर्चा के लिए बुलाया है।  पदेन सदस्यों में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे, यूपी के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा शामिल हैं। अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास भी बैठक में शामिल हो सकते हैं और वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बैठक में जुड़ सकते हैं। सीईओ की नियुक्ति का एलान संभव है।

SIT की रिपोर्ट पर मंथन

श्रीराम मंदिर में चढ़ावा लूट मामले की जांच कर रही एसआईटी की अब तक की कार्रवाई पर तैयार की गई रिपोर्ट पर इस बैठक में मंथन होगा। राम मंदिर के भविष्य के प्रबंधन ढांचे पर भी चर्चा होगी। 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए बिना ऑडिट वाला आय और खर्च का विवरण पेश किया जाएगा। बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय जानकारी भी मंजूरी के लिए रखी जाएगी। अभी तक कोई ऑडिट नहीं होता था लेकिन माना जा रहा है कि अब ऑडिट की व्यवस्था लागू होने जा रही है। भविष्य में मंदिर के इंतजाम व देखरेख के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति का एलान किया जा सकता है। इसकी संभवना बहत अधिक हैं। इसके लिए अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास और कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी प्रमुख हैं। हालांकि गोविंद देव गिरी पर भी आरोप लग रहे हैं। क्योंकि वह कोषाध्यक्ष हैं और कोष की ही लूट के आरोप लगाए जा रहे हैं। गबन के मामलों की दो समानांतर जांच चल रही हैं। एसआईटी और पुलिस ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज किए हैं, हालांकि उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। इतना ही नहीं जानकारों का यह भी कहना है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा को भले ही ट्रस्ट से बाहर कर दिया जाए लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई संघ और विहिप के दवाब के चलते नहीं की जाएगी।

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