नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को पंजाब और चंडीगढ़ के एक दिवसीय दौरे पर जा रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल से नाता टूटने और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ( द्वारा अकेले चुनाव लड़ने के एलान के बाद यह उनका राज्य में पहला आधिकारिक दौरा होगा। इस बेहद महत्वपूर्ण दौरे के दौरान पीएम मोदी क्षेत्र को 9,100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात देंगे। दौरे की शुरुआत चंडीगढ़ से होगी, जहाँ प्रधानमंत्री करीब 1:45 बजे पहुंचेंगे। वह पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। दौरे की शुरुआत चंडीगढ़ से होगी, जहाँ प्रधानमंत्री करीब 1:45 बजे पहुंचेंगे। वह पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके अलावा पंजाब राज्य के लिए कुल 2,500 करोड़ रुपये की रेल और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की शुरुआत होगी।
करोड़ों की सौगात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे के दौरान पंजाब के ट्राइसिटी क्षेत्र के लिए 6,600 करोड़ रुपये से अधिक की 3 बड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। पीजीआईएमईआर में 435 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक ‘एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर’ और ‘एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर’ का उद्घाटन होगा। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की आधारशिला रखी जाएगी। चंडीगढ़ के बाद प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से जालंधर पहुंचेंगे। वह करीब 3:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर रहेंगे। पीएम मोदी 110 साल पुराने और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किए गए जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का भव्य उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही देश भर के 74 अन्य पुनर्विकसित स्टेशनों का वर्चुअल लोकार्पण किया जाएगा। : श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अमृतसर से वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के बीच सप्ताह में तीन दिन चलने वाली नई ‘संत रविदास एक्सप्रेस’ (स्लीपर वंदे भारत) को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके अलावा पंजाब राज्य के लिए कुल 2,500 करोड़ रुपये की रेल और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की शुरुआत होगी।
दोआबा और दलित वोटर्स पर फोकस
जालंधर को पंजाब के दोआबा क्षेत्र का राजनीतिक केंद्र माना जाता है, जहाँ लगभग 33.34 प्रतिशत दलित (अनुसूचित जाति) आबादी निवास करती है। बीजेपी इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ‘मिशन आत्मनिर्भर’ अभियान चला रही है। ‘संत रविदास एक्सप्रेस’ ट्रेन की शुरुआत को भी इसी सामाजिक समीकरण और वाराणसी के डेरा सचखंड बल्लान से जुड़े लाखों श्रद्धालुओं को साधने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
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