Home मेरठ हरिद्वार में विहिप मार्ग दर्शक मंडल की बैठक
मेरठ

हरिद्वार में विहिप मार्ग दर्शक मंडल की बैठक

हरिद्वार में विहिप मार्ग दर्शक मंडल की बैठक

Share
हरिद्वार में विहिप मार्ग दर्शक मंडल की बैठक
Share

परिवार कानूनों की समीक्षा, मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता, गौ रक्षा, गौ संवर्धन, नशा मुक्ति, तथा हिन्दू समाज की एकता के संकल्प
नई दिल्ली/ हरिद्वार। मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता, गौ रक्षा, गौ संवर्धन, नशा मुक्ति, परिवार कानूनों की समीक्षा तथा हिन्दू समाज की एकता के संकल्प के साथ विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मार्ग दर्शक मण्डल की द्विदिवसीय हरिद्वार बैठक निष्काम सेवा ट्रस्ट, भूपतवाला परिसर में समाप्त हो गई। बैठक के बाद उसमें उभरे विषयों की जानकारी देने हेतु आज उसी परिसर में दण्डी स्वामी स्वामी जितेंद्रनन्द सरस्वती तथा विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने संयुक्त रूप से एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि परिवार संस्था विश्व को हिंदुत्व की एक बड़ी देन है। विवाह संस्था जीवन में काम को संयमित करती है। पिछले दिनों में ऐसे निर्णय हुए हैं जो चिंता पैदा करते हैं। जैसे व्यभिचार को अपराध नहीं माना जाने का निर्णय, बिना विवाह के लिव इन में रहने की अनुमति, समलैंगिक जोड़ों को पति-पत्नी की तरह रहने की आजादी इत्यादि। ऐसा वातावरण बन रहा है कि विवाह एक झंझट लगने लगे और मुक्त काम समाज में स्वीकार हो जाए। यह खतरनाक होगा। साथ ही परिवार के विवादों को निपटाने के लिए सामाजिक व्यवस्थाएं टूट रही है। अब पति-पत्नी, बच्चे, मां-बाप इनमें से किसी के प्रति भी कुछ विवाद लगे तो आपस में बैठकर नहीं सुलझाया जाता। यह पुलिस और कचहरी के द्वारा होता है। इससे शत्रुता पैदा होती है; समाधान नहीं। केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल का मत है कि सभी परिवार कानूनों की समीक्षा करने का समय आ गया है। इस बात की आवश्यकता है कि परिवार कानूनों को परिवार और विवाह संस्था के साथ सुसंगत बनाया जाए। केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल यह भी आह्वान करता है कि माता-पिता से लेकर साधु संत तक सब लोग आने वाली पीढ़ियों को स्वधर्म की जानकारी और उसके अनुरूप जीवन बनाने के लिए प्रेरित करें।
ट्रस्ट रामजी के पैसे-पैसे को जिम्मेदार
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के पैसे को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे है। ट्रस्ट रामजी के एक-एक पैसे के लिए जिम्मेवार है। इसलिए विषय सामने आते ही ट्रस्ट ने स्वयं मुख्यमंत्री से एसआईटी बनाने को कहा। उच्च स्तरीय एसआईटी बनी है। चम्पत राय ने अपने को पूछताछ के लिए एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत किया है। जांच में पूरा सहयोग देंगे। जो लोग दोषी पाए जाएंगे, वो कोई भी हों, दंडित होने चाहिएं। जांच का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता है। जिन जिन अन्य ट्रस्टों ने राम मंदिर के नाम पर पैसा या सोना इक_ा किया, जिसमें रामालय ट्रस्ट और राम जन्म मंदिर पुनर्निर्माण ट्रस्ट भी शामिल हैं, उनके खातों की भी जांच होनी चाहिए।
जांच होने दें पूरी
किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले हमको जांच पूरी होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए। अभी से सब पर कीचड़ उछालना ठीक नहीं होगा। यह भी देखना होगा कि किन्होंने बेइमानी की है और किनका दोष असावधान रहने का है। इस बात की आवश्यकता है कि रामजन्मभूमि मंदिर की सब व्यवस्थाओं को पूर्ण रूप से दोषमुक्त बनाना होगा। इस काम में अब कोई देरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही अयोध्या को 2027 के विधानसभा चुनाव का हिस्सा बनाने के दुष्प्रयत्नो से सावधान रहना होगा। कांग्रेस और समाजवादी पार्टियां राम मंदिर की सतत विरोधी रही हैं। वह कारसेवकों के दमन और हत्या के लिए भी जिम्मेवार हैं। यहां तक कि सर्वोच्च न्यायालय में शपथपत्र दे कर कहा गया था कि राम वास्तविक नहीं, केवल एक काल्पनिक पात्र थे। आज वही लोग मांग कर रहे हैं कि जांच के लिए सर्वदलीय समिति बनाई जाए। यह हास्यास्पद मांग है। क्या किसी आपराधिक प्रकरण की जांच राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सौंपी जा सकती है? क्या उन्हें इस तरह की जांच का कोई अनुभव है? क्या कानून राजनीतिक दलों के लोगों को आपराधिक जांच की अनुमति देता है? और फिर उन लोगों ने तो जांच से पहले ही मानो परिणाम घोषित कर रखा है। इस मामले में राजनीति को हिंदू समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
गोरक्षा एवं गौ संवर्धन
मार्गदर्शक मंडल की बैठक में गोरक्षा और गौ संवर्धन पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद ने इसके लिए सतत कार्य किया है। 1948 में संघ ने गोरक्षा के पक्ष में 2 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर राष्ट्रपति को सौंपे थे। 7 नवंबर 1966 के विराट प्रदर्शन में हमारा बड़ा सहभाग था। प्रतिवर्ष बजरंगदल के कार्यकर्ता 2 लाख से अधिक गौवंश को कटने से बचाते हैं। विहिप मानती है कि संपूर्ण गौवंश की रक्षा के लिए केंद्रीय कानून बनाना चाहिए। हम इस बात से भी सहमत हैं कि सरकार गाय को सम्मानित करने वाला कोई योग्य नाम दे। कुछ लोगों का सुझाव है कि गाय को राष्ट्रमाता कहना उचित होगा। विहिप संतों के साथ देश भर में इस विषय पर सहमति बनाने का अभियान चलाएगी। कुछ राज्यों में गोरक्षा के कानूनों में 14 वर्ष से अधिक गौधन की हत्या की अनुमति है। विहिप सभी राज्य सरकारों से आग्रह करेगी कि सख्त कानून बना कर संपूर्ण गौवंश की रक्षा सुनिश्चित करें। विहिप समाज के सब समर्थ लोगों को गौपालन के लिए प्रेरित करेगी। गाय के गोबर और मूत्र से भी किसान को इतनी आमदनी हो जाती है कि गौपालन का खर्चा निकल आए। घर-घर में गौपालन ही इस समस्या का समाधान है।
नशा मुक्ति अभियान
देश में बढ़ती नशाखोरी को रोकने के लिए बजरंग दल गत एक वर्ष से एक सघन नशा मुक्ति अभियान चला रहा है। अब इस अभियान को और प्रभावी बनाने हेतु पूज्य संतों द्वारा भी इस संदर्भ में एक व्यापक समाज प्रबोधन का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा संतों ने आह्वान किया कि सामाजिक समरसता के अग्रदूत व महान आध्यात्मिक पुरुष पूज्य संत रविदास जी की 650 वीं जयंती को देश भर में समाज के हर वर्ग द्वारा वर्ष भर मनाया जाए तथा उनके प्रेरक संदेशों को जन मन में उतारा जाए। केंद्र सरकार द्वारा जनसंख्या असंतुलन की जांच हेतु गठित एक उच्च स्तरीय समिति के गठन के संदर्भ में प्रधान मंत्री का धन्यवाद करते हुए पूज्य संतों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा व अलगाववाद को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। यह जानकारी विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने दी।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

2 × one =

Related Articles

संस्कृत शास्त्र परम्परा ही भारतीय ज्ञान परम्परा

संस्कृत शास्त्र परम्परा ही भारतीय ज्ञान परम्परा

गांधी आश्रम से गढ़ रोड तक निगम का अभियान

गांधी आश्रम से गढ़ रोड तक निगम का अभियान

अफसरों को सता रहा जेल जाने का डर

अफसरों को सता रहा जेल जाने का डर

जिला कांग्रेस का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन व ज्ञापन

जिला कांग्रेस का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन व ज्ञापन