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बारिश का पानी घुस जाता है घरों में लोग घरों में कैद

बारिश का पानी घुस जाता है घरों में लोग घरों में कैद

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मेरठ। शहर के गोलबढ़ इलाके में नगर निगम के ठेकेदार की कारगुजारी इस इलाके के लोगों को भारी पड़ रही है। इस इलाके में सड़क बनाने वाले ठेकेदार ने सड़क की ऊंचाई इतनी ज्यादा कर दी है कि गलियां और घर काफी नीचे हो गए हैं। जिसकी वजह से वहां जलभराव की समस्या बनी रहती है। आज कुछ महज कुछ ही देर की झमाझम बारिश ने इस इलाके को तालाब में तब्दील कर दिया। लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया। बेहद जरूरी होने के बाद ही लोग घरों से निकल रहे थे। बारिश के दौरान पानी भरने व कीचड़ होने से कई दो पहिया वाहन चालक फिसल कर गिर पड़े। वैसे इन हालात के लिए इस इलाके के लोग भी कम कसूरवार नहीं है। घरों से निकलने वाला कूडा कचरा बताए नगर निगम की ओर से रखवाए गए बड़े-बड़े लोहे के कूडेदान में डालने के बजाए नाले नालियों में फैंक देते हैं जिसकी वजह से नाले नालियां चौक हो गयी है। नाले नालियों के चौक हो जाने से बारिश के पानी की निकासी नहीं हाे पाती जिसका नतीजा यह हुआ कि आज हुई चंद मिनट की बारिश में यह पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो गया। बारिश की वजह से सड़कें तालाब बन गई। नालियों के जाम होने की वजह से बारिश का गंदा पानी कई घरों में पानी घुस गया। । बारिश में सबसे ज्यादा मुसीबत अंतिम संस्कार के लिए शमशान घाट जाने वालों को हुई। शमशान घाट की ओर जाने वाली सड़क पर भी पानी भर गया।

कीचड़ से होकर स्कूल

इस इलाके में रहने वालों के दिन की शुरूआत ही मुसीबत उठाने से होती है। जो लोग दूध लेने जाते हैं या बच्चे स्कूलों को जाते हैं तो उन्हें कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना होता है। बारिश के मौसम में ये रास्ते और भी ज्यादा बुरे और भयंकर हो जाते हैं। बारिश होने पर यहां से पैदल गुजरना तो खतरे से खेलने सरीखा है। कई बार ऐसा हुआ है कि बच्चे स्कूल या बाजार के लिए घर से निकले और रास्ते में कीचड़ में फिसल कर चोटिल हो गए। केवल बच्चे ही नहीं दो पहिया वाहन

और तो और इस इलाके में शमशान घाट की ओर जाने वाली सड़क भी बारिश की वजह से प तक जाने वाली सड़क भी डूब जाती है। इसके अलावा बिजली के बॉक्स पोलों पर खुले टंगे हैं। तारों का मकड़जाल वार्ड के ज्यादातर हिस्सों में नजर आते हैं। पुलिया टूटी हैं, सड़कें जर्जर हैं। गंदगी और अतिक्रमण ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। कई बार बड़े बुर्जुग खासतौर से महिलाएं कीचड़ में फिसलकर गिर गयीं। कपड़े कीचड़ में सन गए। आज हुई बारिश के बाद इस पूरे इलाके में मानों जिंदगी थम सी गयी हो। हालत कितने ज्यादा खराब हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बारिश के मौसम में लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। आज दोपहर हुई झमाझम बारिश से रास्तों पर पानी भर जाने के कारण लोग फिर घरों में ही कैद होकर रह गए।

मच्छर और गंदगी

नगर निगम के वार्ड बाइस गोला वढ़ में गंदगी की वजह से मच्छरों का प्रकोप है और मच्छरों की वजह से यहां तमाम ऐसे घर परिवार हैं जहां संक्रामक रोगों का प्रकाेप है। बुखार, उल्टी दस्त और चर्म रोग के मरीज यहां आम हैं। यहां घरों के बाहर सरकारी नालियां तो चौंक होने की वजह से सूखी रहती हैं, लेकिन नालियां के पटरियाें यानि साइडों में पानी भर रहता है। पानी भर जाने की वजह से आपसपास गंदगी रहती है। इसके अलावा ठहरे पानी में मच्छर पन रहे हैं। ये मच्छर गंदगी के अलावा बीमारियों की वजह बने हुए हैं। इस पूरे इलाके में ज्यादातर घरों में बीमार हैं। गोलाबड़ मे मुख्य मार्ग बनाने वाले नगर निगम के ठेकेदार ने इसको काफी ऊंचा कर दिया है। इसके ऊंचा कर दिए जाने से बाकि सब कुछ नींचा हो गया है। बाकि सब कुछ का नीचा होने की वजह से ही सारी मुसीबत बनी हुई है। मेन रास्ता ऊंचा कर दिस जाने की वजह से यहां किगलियां नीचे रह गई हैं। नतीजा यह है कि बारिश का पूरा पानी गलियों और घरों में भर जाता है। कई स्थानों पर घुटनों तक पानी जमा हो जाता है, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि वर्षों से जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, जिसके कारण हर बरसात में वही हालात दोहराए जाते हैं।

मुसीबत ही मुसीबत

यहां केवल गंदगी का जमा होना या रास्तों में जलभराव कीचड़ होना भर ही लोगों की मुसीबत नहीं। इसके अलावा भी यहां मुसीबतों की लंबी फेरिस्त है। मसलन कई जगह बिजली के तार खंभों से लटकते मिले। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे अक्सर फाल्ट होते हैं और हादसे का खतरा बना रहता है। कई स्ट्रीट लाइट भी खराब पड़ी हैं, जिससे रात में अंधेरा रहता है। रोड साइड में लोगों द्वारा बनाए गए रैंप के कारण अतिक्रमण बढ़ गया है। इससे वाहनों का आवागमन प्रभावित होता है और अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। नियमित सफाई न होने से गंदगी और जलनिकासी की समस्या बनी रहती है। पार्क के ट्रैक में बड़ा गड्ढा होने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बारिश के समय घुटनों तक पानी भर जाता है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से घरों तक पानी पहुंच जाता है पानी की निकासी नहीं हो पाती है। हालांकि इस वार्ड बाइस के पार्षद मदनपाल बताते हैं कि जाे समस्याएं हैं वो बाकायदा अधिकारियों को बतायी दी गयी हैं। कई बार बतायी गयी हैं, लेकिन समाधान हो तो बात बने।

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