नई दिल्ली। अमेरिका के हमले में मारे गए ईरान के धार्मिक नेता अली खामनेई के अंतिम संस्कार में दुनिया भर से बीस करोड़ से ज्यादा लोगों के जुटने की उम्मीद है। इसके लिए ईरानी सरकार व्यापक इंतजाम कर रही है। सबसे ज्यादा चिंता सुरक्षा इंतजामों को लेकर है। माना जा रहा है कि इजरायल को यदि अपवाद मान लिया जाए तो दुनिया के सभी देशों खासकर खाड़ी के अरब देशों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंचेंगे। इसके लिए तेहरान के अलावा ईरान के दूसरे शहरों कोम व मशहद में भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
इस्लामिक सहयोग संगठन ने इजरायल के उस फैसले की कड़ी मजम्मत की है जिसमें मस्जिदों से अजान के लिए लाउडस्पीकर लगाने पर प्रतिबंध की बात कही गयी है। IOC ने कहा है कि वह इसे “एक अमान्य उपाय और भेदभावपूर्ण और नस्लवादी प्रकृति का एक विधायी अपराध मानता है, साथ ही धर्म और पूजा की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के सिद्धांतों द्वारा गारंटीकृत सांस्कृतिक और धार्मिक अधिकारों का घोर उल्लंघन मानता है”। उल्लेखनीय है कि इजरायल की 120 सदस्यीय विधायिका में 50-36 मतों से पारित इस विधेयक में यह अनिवार्य किया गया है कि स्पष्ट पूर्व अनुमति के बिना किसी भी मस्जिद में कोई भी ध्वनि प्रणाली स्थापित या संचालित नहीं की जा सकती है।
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