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नगर निगम के तीनों जोन में हाउस टैक्स रिकबरी का एक साथ अभियान

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भाजपा व विपक्ष के पार्षद बोले महापौर बुलाएं स्पेशल बोर्ड, प्रस्ताव पास कर भेजें शासन को
मेरठ/ मार्च के अंतिम सप्ताह में नगर निगम ने हाउस टैक्स रिकबरी अभियान तेज कर दिया है। आज तीनों जोन मुख्यालय, शास्त्रीनगर और कंकरखेड़ा में हाउस टैक्स रिकबरी अभियान चलाया गया। इस बीच जानकारी मिली है कि निगम का यह अभियान ३० मार्च तक पूरी सख्ती से चलाया जाएगा। नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने सख्त लहजे में हाउस टैक्स रिकबरी के आदेश दिए हैं। निगम के इस अभियान की चपेट में कई पार्षद भी आ गए हैं। उन्हें भी हाउस टैक्स का बिल जमा करना पड़ा है। सरवत चौधरी ऐसे ही पार्षदों में शामिल हैं।
निगम के प्रवर्तन दल ने कर्नल संजीव सिंह तोमर सेना मेडल के नेतृत्व में व मुख्य कर निर्धारण अधिकारी शिवकुमार गौतम,कर अधीक्षक अतुल कुमार यादव ,व राजस्व निरीक्षक बृजेश कुमार, कंकरखेड़ा जोन के साथ मिलकर दिल्ली रोड, मोदीपुरम ,रोहटा रोड , क्षेत्र में 09,(दुकान व भवन) बड़े बकाया दारों से ग्रहकर वसूलने के लिए गृह कर वसूली अभियान चलाया गया। कर अधीक्षक विनय कुमार शर्मा ,व राजस्व निरीक्षक श्यामवीर, शास्त्री नगर जोन के साथ मिलकर गढ़ रोड शास्त्री नगर, जेल चुंगी चौराहा, जागृति विहार, एच ब्लॉक क्षेत्र में कुछ बड़े बकाया दारों से ग्रहकर वसूलने के लिए गृह कर वसूली अभियान चलाया गया।
जिन भवनों पर पचास हजार से ऊपर का हाउस टैक्स है उनकी लिस्ट निगम स्टाफ के हाथ में थी। स्टाफ ने जाते ही भवन को सील किए जाने का फरमान जारी कर दिया। जिन्होंने हाउस टैक्स जमा नहीं किए हैं, ऐसे लोगों को उम्मीद नहीं थी कि अचानक निगम की टीम उनके भवन सील करने के लिए आ धमकेगी। जब उनसे भवन सील करने को कहा गया तो उनके हाथ पांव फूल गए। इनमें कई व्यापारी भी शामिल थे, जिनका कहना था कि वो सत्ताधारी भाजपा के फलां-फलां पदाधिकारी हैं। इस पर निगम की टीम का कहना था कि वह किस पार्टी से हैं और क्या पद है यह जानकारी करने के लिए नहीं आए हैं। वो तो केवल भवन सील करने के लिए आए हैं और भवन सील इसलिए किया जा रहा है क्योंकि हाउस टैक्स के बिल जमा नहीं किए गए हैं। एक व्यापारी का कहना था कि सील की कार्रवाई से पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था। इस पर उन्हें नोटिस की कापी निकालकर दिखा दी गयी और किन किन तारीख में नोटिस दिए गए यह भी बता दिय गया। इसको लेकर काफी देर तक गहमा-गहमी मची रही। बाद में प्रवर्तन दल ने आगे बढ़कर कार्रवाई को अपने हाथ में लिया और जिस भवन को सील करने के लिए निगम की टीम पहुंची थी, उसको सील कर कराने में मदद की। केवल मुख्यालय जोन ही नहीं बल्कि शास्त्रीनगर और कंकरखेड़ा जोन में भी ऐसा ही नजरा देखने को मिला। सील की कार्रवाई के दौरान कई बार तो निगम की टीम से धक्का मुक्की और मारपीट की नौबत आ गयी। यदि प्रवर्तन दल साथ ना होता तो निगम के स्टाफ के साथ मारपीट कर दी जाती और बुरी गत भी बना दी जाती। प्रवर्तन दल की मौजूदगी के चलते विरोध करने वालों ने बस ने बस मारपीट नहीं कि वर्ना सब कुछ हो गया था।
निगम के अभियान पर आपत्ति
हाउस टैक्स रिकबरी को लेकर निगम के रिकबरी अभियान पर पार्षदों ने आपत्ति जतायी है। उनका कहना है कि जो काम करना चाहिए वो ना करा के निगम के अफसर पब्लिक को परेशान करने का काम कर रहे हैं। निगम पार्षदों इकरामुद्दीन वालियान, पूर्व पार्षद अब्दुल गफ्फार व नरेन्द्र उपाध्याय, विमला,रविन्द्र, आशूतोष मलिक व दीपक प्रजापति समेत तमाम पार्षदों का कहना है कि जिस तरह से रिकबरी के नाम पर अभियान चलाया जा रहा है उसको सही बिलकुल नहीं ठहराया जा सकता है। ईरान में चल रही लड़ाई के चलते इस समय हालात बद से बदत्तर है। निगम प्रशासन को संयम से काम लेना चाहिए। कोई भी ऐसा शख्स नहीं हो हाऊस टैक्स ना देना चाहता हो। लेकिन हाऊस टैक्स रिकबरी के नाम पर दुकान व मकान सील कर दिया जाना कभी भी सही नहीं ठहराया जा सकता है। अधिकारियों को इससे बचना चाहिए।
तेज हो रही है स्पेशल बोर्ड की मांग
नगर निगम का स्पेशल बोर्ड बुलाए जाने की मांग तेज हो रही है। नगर निगम स्थित पार्षद कक्ष में मौजूद तमाम पार्षदों ने धार न्यूज संवाददाता से इस मामले में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्पेशल बोर्ड बुलाए जाने में धारा न्यूज को भी जनता की आवाज उठानी चाहिए। यह जनहित से जुड़ा हुआ मामला है। जब शासन स्तर पर इस पर निर्णय लिया जा सकता है तो फिर महापौर को स्पेशल बोर्ड बैठक बुलाए जाने में क्या आपत्ति है। भाजपा के पूर्व पार्षद नरेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि उनहोंने अनेक बार इस संबंध में महापौर से आगह किया है। उन्होंने जानकारी दी कि यदि गाजियाबाद की माहपौर अपने यहां पब्लिक को राहत दे सकती हैं तो फिर मेरठ में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता।

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