सड़कों को तत्काल दुरुस्त करने के कड़े निर्देशों का मेरठ में कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा
मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ में पीडब्लूडी (लोक निर्माण विभाग) के आला अफसरों के साथ की गई समीक्षा बैठक और सड़कों को तत्काल दुरुस्त करने के कड़े निर्देशों का मेरठ में कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है शासन स्तर से जारी आदेशों और तय की गई समय-सीमा के बावजूद मेरठ जनपद में पीडब्लूडी की तमाम मुख्य और संपर्क सड़कें आज भी पूरी तरह बदहाल हैं। इन टूटी सड़कों पर राहगीरों का चलना दूभर हो गया है और आए दिन वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं।
गड्ढों में तब्दील हुईं सड़कें
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि प्रदेश में खराब और गड्ढायुक्त सड़कें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और लापरवाही बरतने वाले अभियंताओं व ठेकेदारों पर सीधे जवाबदेही तय होगी News18। इसके उलट, मेरठ में पीडब्लूडी के नियंत्रण वाली कई प्रमुख सड़कों की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं और बीच सड़क गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश के बाद स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो गई है।
सबसे बुरा हाल मवाना व गढ रोड का
इन गड्ढों के कारण विशेषकर दुपहिया वाहन चालक और ई-रिक्शा पलट रहे हैं। रात के अंधेरे में स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। मवाना रोड की यदि बात करें तो त्योहारी सीजन के चलते बाजारों और मुख्य रास्तों पर भारी भीड़ उमड़ रही है, ऐसे में बदहाल सड़कों के कारण रोजाना लंबे जाम की स्थिति बन रही है और दुर्घटनाओं का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। शासन की तरफ से 10 नवंबर तक प्रदेश भर में सड़कों को पूरी तरह गड्ढामुक्त करने और उनके नवीनीकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, परंतु जमीनी हकीकत देखकर ऐसा लगता है कि मेरठ लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या शासन की ओर से लापरवाही बरतने वाले स्थानीय अधिकारियों पर कोई कड़ी गाज गिरती है, या फिर मेरठ की जनता को इसी तरह जान जोखिम में डालकर इन जानलेवा गड्ढों से होकर गुजरना पड़ेगा। डिफेन्स कॉलोनी से लेकर यशोदा कुंज, कसेरू बक्सर और पंचवटी कॉलोनी के पास मवाना पूरी तरह उखड़ चुकी है, यहाँ सड़कों के बीच करीब 2 फीट से ज्यादा गहरे गड्ढे हो गए हैं, जो तालाब जैसी शक्ल अख्तियार कर चुके हैं। गंगानगर और इंचौली थाना क्षेत्र के दायरे में पिछले कुछ ही दिनों के भीतर कई गंभीर हादसे सामने आए हैं, जिनमें गड्ढों और अव्यवस्थित ट्रैफिक के चलते वाहन अनियंत्रित होकर पलटे या आपस में भिड़े हैं। साकेत चौराहे से यशोदा कुंज मार्ग पर रोज़ाना ई-रिक्शा और दुपहिया वाहन इन सड़क के गहरे गड्ढों में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
पीडब्लूडी के चीफ इंजीनियर अजय वर्मा का कहना है कि मानसूनी और अत्यधिक बारिश के कारण पैचवर्क का काम प्रभावित हुआ है। इसके अलावा मवाना रोड पर नाला निर्माण और चौड़ीकरण की परियोजनाओं तथा कुछ आंतरिक पाइपलाइन कार्यों की वजह से काम रुका हुआ था, अब कार्य तेजी से निपट रहा है।
Leave a comment