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निगम अफसरों की आफत पब्लिक को राहत

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निगम अफसरों की आफत पब्लिक को राहत
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पांच सौ मीटर के लिए अब किसी को भी अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की नहीं पड़ेगी जरूरत, अफसरों पर पहुंचे नए निर्देश

मेरठ। नगर निगम अफसरों की इसको आफत और महानगर की पब्लिक के लिए राहत कहा जा सकता है। पब्लिक की राहत इसलिए क्योंकि टैक्स में शत प्रतिशत रिबेट मिलेगा ओर अफसरों की आफत इसलिए क्योंकि शत प्रतिशत टारगेट हासिल करने का फरमान जारी हुआ है।यह पूरा मामला हाउस टैक्स से जुड़ा है, हालांकि निगम अफसर इसको रेवेन्यू जेनरेट से जोड़कर देख रहे हैं। इसके लिए बाकायदा निगम अफसरों के लिए टारगेट तक फिक्स किया गया है और यह टारगेट शत प्रतिशत हासिल करने का फरमान भी जारी किया गया है। सूबे की योगी सरकार ने निगम में लंबित गृहकर, जलकर और सीवरकर की वसूली के लिए लागू की गई एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। इसमें 15 दिसंबर की समय-सीमा से पहले ज्यादा से ज्यादा बकायेदारों को 100% सरचार्ज माफी का लाभ के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर की गयी समीक्षा में लखनऊ में बैठे अफसरों ने नगर निगम की आउटपुट को लेकर नाराजगी जताते हुए इसके लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1533 का प्रचार करने और विभिन्न वार्डों में विशेष कैंप लगाने की जिम्मेदारी नगरायुक्त को सौंपी है। इसीक्रम में नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने निगम के हाउस टैक्स रिकबरी अफसरों को शत प्रतिशत टारगेट हासिल करने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर नए नोटिफिकेशन में नगर निगम क्षेत्रों में आने वाली सूक्ष्म और लघु औद्योगिक (MSME) इकाइयों को सम्पत्ति कर (हाउस टैक्स) में बड़ी राहत दी गई है। नगरायुक्त को इस व्यवस्था को तुरंत धरातल पर उतारने को कहा गया है। 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक चलने वाली इस विशेष योजना के तहत गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकायेदारों को 100% ब्याज/सरचार्ज माफी का लाभ देने के लिए वार्ड-वार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। नगरायुक्त ने बताया कि इस पर पहले से काम चल रहा है। त्योहारों के इस सीजन और ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2026’ की तैयारियों के मद्देनजर, सभी नगर निगमों को सफाई और अपशिष्ट निस्तारण के मोर्चे पर मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया है। जलभराव वाले क्षेत्रों में एंटी-लावा छिड़काव, फॉगिंग और दस्तक अभियान के माध्यम से संचारी रोगों (डेंगू, मलेरिया) पर अंकुश लगाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाएगी। नगरायुक्तों को स्वयं सुबह फील्ड में उतरकर सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

पांच सौ मीटर के दायरे में एनओसी को ना

विकास प्राधिकरणों की तर्ज पर प्रदेश के 93 नगरीय निकायों का मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खाली जमीनों का भू-उपयोग तय करने के लिए नगरायुक्त को सहयोग शासन ने निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की योजनाओं के 500 मीटर के दायरे में अब भवन निर्माण और लेआउट पास कराने के लिए अलग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की जरूरत को समाप्त कर दिया गया है। नगर निगम और प्राधिकरण को अपने स्तर पर ही नक्शा पास करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश हैं।
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