नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के चलते अब तक तीन बार भारतीय कारोबारी जहाजों पर हमले हो चुके हैं। इनमें एक हमला ईरान भी किया, जबकि अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए हैं। भारत ने हाल ही में हुए खाड़ी इलाके में भारतीय नाविकों वाले टैंकरों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्री ने इन हमलों को ‘बेहद चिंताजनकÓ बताते हुए कहा कि इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। इस हफ्ते की शुरुआत में ओमान के तट के पास अमेरिकी सेना के हमले का शिकार हुए एक जहाज पर मौजूद तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी, शुरुआत में उनके लापता होने की खबर थी, लेकिन बाद में मौत की पुष्टि हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा, ‘हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में भारतीय नाविकों से जुड़ी कई घटनाएं हुई हैं। हम अपने नाविक समुदाय की भलाई और सुरक्षा को बहुत महत्व देते हैं। इस बात को फिर से दोहराने की जरूरत नहीं है। जायसवाल ने आगे कहा, ‘हमने ओमान के तट के पास एक जहाज पर हुए हमले की निंदा की, जिसमें दुर्भाग्य से हमारे तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। हमने कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए अमेरिकी सीडीए को तलब किया था। इस क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। ये मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का सीधा नतीजा है। इन हमलों को रोका जाना चाहिए और संघर्ष खत्म होना चाहिए।
शिपिंग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने हमलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 8 जून से अब तक भारतीय नाविकों वाले तीन जहाजों पर हमले हुए हैं। 8 जून को ‘मैरिवेक्सÓ जहाज़ पर आग लगने की खबर मिली थी। जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था। इसके बाद 10 जून को ‘एमटी सेटेबेलो जहाज पर हमला हुआ, जिस पर 24 भारतीय नाविक सवार थे। इनमें से 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया। 11 जून को हुए ताजा हमले में ‘एमटी जलवीरÓ को निशाना बनाया गया। जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
Leave a comment