मेरठ। एयरकंडीशन भी बंद पंखे भी बंद और बत्ती भी गुल। जबरदस्त गर्मी और उमस में देर तक रहकर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर को रहना पड़ा। हद तो तब हो गयी जब मोबाइल टॉर्च की रौशनी में शिकायती पत्र पढ़ने पड़े। उसको लेकर वो बेहद गुस्से में नजर आयीं और फटकार भी लगायी। भीषण गर्मी और उमस में आयोग अध्यक्ष, अधिकारी और शिकायतकर्ता महिलाएं करीब आधे घंटे तक परेशान रहीं। घटना गुरुवार को विकास भवन सभागार में हुई।
जनरेटर में तेल तक नहीं-स्विच तक खराब
अचानक लाइट जब चली गयी तो जेनरेटर चलाने की नौबत आ गयी। जब जेनरेटर चलाने पहुंचे तो बताया गया कि उसमें तो तेल ही नहीं है। बाद में आनन-फानन में डीजल मंगाया गया। विकास भवन की व्यवस्था पर महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नाराजगी जताई। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद शिकायतकर्ता महिलाएं गर्मी से बेहाल थीं। अव्यवस्थाओं को देखकर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने गहरी नाराजगी जताई। जनसुनवाई का कार्य कुछ समय तक अंधेरे और बिना बिजली के ही चलता रहा, जब तक कि बिजली की व्यवस्था सुचारु नहीं हो गई। भीषण गर्मी में विकास भवन की जनसुनवाई के दौरान अचानक बिजली जाने पर अव्यवस्था का माहौल बन गया। विकास भवन में लगे ऐसी बंद हो गए। सुनवाई में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी थे।। जब विकास भवन में बिजली कर्मी को बुलाया गया तो उसने बोला कि विकास भवन की बिजली के स्विच पहले से ही खराब है। लाइन की सूचना भी अधिकारियों को पहले दी गई थी। उसके बावजूद भी ठीक नहीं कराई गई।
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