देहरादून ! विश्व ऑटिज्म डे के अवसर पर जिओन संस्था की ओर से जन जागरूकता रैली निकाली गई जिसमें संस्था की ओर से लोगों को ऑटिज्म के बारे में जानकारी दी गई और इसके लक्षण और इससे होने वाली परेशानियों से लोगों को जागरूक किया हाथों में तख्तिया लेकर चल रहे संस्था के सदस्यों द्वारा ऑटिज्म को समझो यार हर बच्चा है सुपरस्टार जज करना बंद करो समझना स्टार्ट करो के नारे लगाते हुए चल रहे थे
ऑटिज्म मस्तिष्क के विकास से संबंधित एक ऐसी स्थिति है जो लोगों के दूसरों को देखने और उनके साथ सामाजिक रूप से व्यवहार करने के तरीकों को प्रभावित करती है इस बीमारी से ग्रसित बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से विकसित नहीं हो पाते हैं सामान्य बच्चों से यह बच्चे अलग होते हैं और उनके सोचते और समझने की शक्ति सामान्य से बहुत कम होती है ऑटिज्म डे अप्रैल मे पूरे माह मनाया जाता है
जिओन संस्था की निदेशक अंजलि सुब्रह्मण्यम ने बताया कि उनकी संस्था उन बच्चों पर कार्य करती है जो उम्र के हिसाब से विकसित नहीं हो पाते हैं संस्था की ओर से उन्हें स्पीच थेरेपी के साथ ही स्पेशल एजुकेशन दी जाती है और उनके द्वारा एक स्कूल का भी संचालन किया जाता है जिसमें ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों को शिक्षा दी जाती है और उनके विकास में कार्य किया जाता है
डॉ अंजलि भंडारी ने बताया कि लोगों को अभी इस बीमारी के बारे में अधिक जानकारी नहीं है यह बीमारी बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करती है और उनके बोलने समझने की शक्ति को काम करती है इसके लिए संस्था द्वारा आज जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि लोगों को समय पर इस बीमारी की जानकारी मिल सके और इसका इलाज किया जा सके
अभय रावत ने बताया कि उनके बेटे को भी ऑटिज्म की बीमारी है और उनका बेटा बोल नहीं सकता था और चल भी नहीं पता था डॉक्टर से सलाह लेने के बाद इस बीमारी का पता चला और अब इसका इलाज किया जा रहा है और उनके बेटे में काफी परिवर्तन देखने को मिल रहा है! इस मौके पर सपना बिष्ट सरिता पार्वती डॉ अनामिका भंडारी अंजलि आदि शामिल रहे!
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