नई दिल्ली। देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की योजना को केंद्र की मोदी सरकार ने और भी बेहतर बना दिया है। अब राज्यों की एजेंसियों को प्रदेश के भीतर खाद्यान्न के परिवहन, भंडारण और वितरण से जुड़े खर्चों में सहायता भी दी जाएगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना के विस्तार को मंजूरी दे दी। इस योजना के लिए 25,530 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘स्कीम फॉर असिस्टेंस इन राशन ट्रांसपोर्ट एंड हैंडलिंग-इनकम विद ऑटोमेशन इन पीडीएस’ (सार्थक-पीडीएस) को 16वें वित्त आयोग चक्र की अवधि के दौरान ‘एक अंब्रेला’ योजना के रूप में लागू करने का निर्णय लिया गया।
अश्वनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि पीडीएस में स्वचालन के साथ राशन परिवहन एवं प्रबंधन में सहायता देने वाली योजना अप्रैल, 2026 से मार्च, 2031 तक पांच साल के लिए लागू रहेगी। इसके लिए केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 25,530 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत राज्यों की एजेंसियों को प्रदेश के भीतर खाद्यान्न के परिवहन, भंडारण और वितरण से जुड़े खर्चों में सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही पीडीएस के आधुनिकीकरण और स्वचालन को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से पीडीएस की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा तथा लाभार्थियों तक खाद्यान्न की आपूर्ति को अधिक सुगम और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
देश के 80 करोड़ लोग प्रभावित
वैष्णव ने बताया कि यह फैसला देश के 80 करोड़ लोगों को प्रभावित करता है। भारत में दुनिया का सबसे बड़ा फूड सिक्योरिटी प्रोग्राम चल रहा है। इसके तहत हर नागरिक को राशन की व्यवस्था की जाती है। इसे लागू करने वाली व्यवस्था सार्थक-पीडीएस में बड़ा सुधार किया गया है। इसके तहत राज्य सरकारों की एजेंसियों की लागत को सपोर्ट किया जाएगा। साथ ही राशन की दुकान पर डीलर का कमीशन बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा टेक्नोलॉजी के जरिए पीडीएस का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
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