नई दिल्ली। ईरान का साथ देने पर अमेरिका ने अपने पुराने सहयोगी ओमान को बर्बाद कर देने उसको खत्म कर देने की धमकी दे डाली है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने पुराने हमदर्द व सहयोगी ओमान को फौजी कार्रवाई की धमकी देकर पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। किसी ने सोचा नहीं था कि ट्रंप ओमान जैसे अपने सबसे करीबी मुस्लिम राष्ट्र को भी फौजी कार्रवाई की धमकी दे सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि वह स्ट्रेट होर्मूज में जहाजरानी पहुंच को लेकर विवाद में शामिल होता है, क्योंकि वाशिंगटन का ईरान पर युद्ध एक बार फिर मध्य पूर्व को अपनी चपेट में लेने का खतरा पैदा कर रहा है।
ईरानी कब्जे वाले स्ट्रेट होर्मूज के चलते अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में पेंच फंस गया है। ईरान ने दो टूक कह दिया है कि वह अमेरिका के कहने से किसी भी कीमत पर स्ट्रेट होर्मूज से कब्जा छोड़ने वाला नहीं, जबकि अमेरिका की मुख्य शर्तों में स्ट्रेट होर्मूज को ईरान के कब्जे से मुक्त करना शामिल है। दरअसल ओमान जो अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता कराने वाला मुख्य मुल्क है उसने स्ट्रेट होर्मूज पर ईरानी कब्जे को ना केवल मान्यता दी है बल्कि वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूली में सहयोग की बात तक कह दी। इससे अमेरिका बुरी तरह से भड़क उठा है, क्योंकि यह बात अमेरिका की लाइन के एकदम विपरीत है। ट्रंप द्वारा ओमान को “उड़ा देने” की धमकी ऐसे समय में आई है जब मस्कट ने कथित तौर पर ईरान के साथ स्ट्रेट हाेर्मूज से आवागमन की निगरानी के बारे में बातचीत की, जो एक रणनीतिक जलमार्ग है जो दुनिया के वैश्विक तेल यातायात के 20 प्रतिशत से अधिक का संचालन करता है।
प्रति जहाज बीस लाख डॉलर
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद ईरान ने अपने कब्जे वाले स्ट्रेट होर्मूज को बंद कर दिया था। यहां से केवल उन्हीं जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जा रही है जिनसे बीस लाख प्रति डालर की वसूली की जा रही है। या फिर ईरान के चीन सरीखे मित्र देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। इस रास्ते से भारत के जहाजों को भी गुजरने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सारा फसाद उस वक्त शुरू हुआ जब ओमान ने ईरान के सुर से सुर मिलाते हुए स्ट्रेट होर्मूज से गुजरने वाले जहाजों से बीस लाख प्रति जहाज वसूलने की वकालत की है।
Leave a comment