नई दिल्ली। पेपर लीक के विरोध में देश भर में सड़कों पर युवाओं के उतरने के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है। यहाँ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले छात्र और युवा नीट पेपर लीक व परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इस्तीफे की खबर मिलते ही जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों और समर्थकों ने तिरंगा लहराया, नारे लगाए, और नाच-गाकर अपनी जीत का जश्न मनाया। छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया है। नीट यूजी पेपर लीक और परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के खिलाफ एक महीने से अधिक समय से चल रहा छात्र आंदोलन आखिरकार रंग लाया। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर जैसे ही विरोध स्थल पर पहुंची, पूरा जंतर-मंतर ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ के नारों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहीं दूसरी ओर जंतर-मंतर पर सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का पत्र पढ़कर सुनाया गया। खबर सुनते ही हजारों छात्रों ने हवा में तिरंगा लहराया और एक-दूसरे को गले लगाया। मानों देश आजाद हो गया हो।
इस्तीफे से टूटा गतिरोध
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर चौतरफा घिरे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाले तीसरे दौर की बातचीत से ठीक पहले यह बड़ा फैसला आया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग ही शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी, जिसे लेकर वे पिछले 36 दिनों से दिल्ली की सड़कों पर डटे हुए थे। छात्रों ने ढोल की थाप पर जमकर डांस किया और हवा में गुलाल उड़ाकर जीत दर्ज की।
झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिएं
इस ऐतिहासिक छात्र आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से एक व्यंगात्मक अभियान ने किया। जो देखते ही देखते एक राष्ट्रीय आंदोलन में बदल गया। दिल्ली के जंतर मंतर ही नहीं पटना की सड़कों ने भी पेपर लीक के खिलाफ युवाओं को गुस्सा देखा। इस प्रकार का गुस्सा नागपुर व मुंबई के अलावा देश भर में तमाम शहरों में देखने को मिला। हालांकि इसकी बड़ी कीमत युवाओं ने पुलिस की लाठियां अपने सीने पर झेलकर चुकाई। अब जब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो गया है तो इसके लिए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस बड़ी सफलता पर खुशी जताते हुए कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” युवाओं का कहना है कि नीट पेपर लीक के चलते जिन्होंने जान गंवाई उनकी कुर्बानी बेकार नहीं गयी है। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का परिचायक है, लेकिन इस्तीफा मांगना तो ट्रेलर भर था पूरी पिक्चर अभी बाकि है। इस्तीफे की पहली बड़ी मांग पूरी होने के बाद भी छात्रों का कहना है कि उनकी लड़ाई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। सीजेपी ने सरकार के सामने कुछ और मुख्य मांगें रखी हैं। इनमें पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी की पूरी निष्पक्ष जांच हो। परीक्षा प्रणाली में कड़े और पारदर्शी सुधार किए जाएं। नीट धांधली के तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। आंदोलनकारी छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई या पुलिस केस न किया जाए।
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