नई दिल्ली। ईरान के इस्लामिक रेवल्यूशनरी गार्ड काेर अमेरिका का गुरूर तोड़ने को कोई भी मौका हादसे नहीं जाने दे रहा है। इस बार IRGC ने अमेरिका निर्मित एम्यू-9 सुपर ड्रोन मार गिराया है। इससे पहले अमेरिका ने ईरान के दक्षिण प्रांत पर व्यापक हमले किए। IRGC के हाथों अमेरिका निर्मित एमक्यू-9 ड्रोन का मार गिराए जाने काे हिसाब चुकता बताया जा रहा है। लेकिन ये दो घटनाएं दुनिया भर के देशों खासकतौर से अमेरिका और उन देशाें के लिए झटका हैं जिन्हें बेसब्री से अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्ध विराम का इंतजार है। आशंका है कि ईरान और अमेरिका के बीच टकराव बढ़ सकता है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका निर्मित एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया। इसके लिए उन्होंने फारसी पौराणिक कथाओं के एक नायक के नाम पर निर्मित स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली ‘ अरश ए कामगीर का इस्तेमाल किया । सरकारी टेलीविजन ने ड्रोन के मलबे का फुटेज प्रसारित किया।
एतबार के काबिल नहीं अमेरिका
ईरानी सांसद अब्बास मोघतादाई ने कहा है कि ईरान के लिए अमेरिका पर एतबार करना बेहद मुश्किल है। “मूल सिद्धांत अमेरिका के प्रति अविश्वास है” – वरिष्ठ सांसद अब्बास मोघतादाई ने मंगलवार दोपहर को राज्य टेलीविजन पर स्थिति का वर्णन इसी तरह किया। यह घटना तब घटी जब संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ के नेतृत्व में एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल लगभग तीन महीने से चल रहे देश के युद्ध को समाप्त करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ समझौता करने के प्रयासों के बीच कतर से तेहरान लौटा। ईरान के दक्षिण प्रांत में किए गए अमेरिकी हमलों के बाद यह धारणा बनी है।
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