लखनऊ/मेरठ। मुकदस रमजान का आखिरी जुम्मा शांति और सदभाव से निटने पर अफसरों ने भी राहत की सांस ली है। रमजान के आखिरी जुम्मे को लेकर पुलिस प्रशासन के अफसर पहले से अलर्ट थे। इसको लेकर उन्होंने मुस्लिम धर्म गुरूओं से बातचीत कर आग्रह किया था कि सड़कों पर नमाज नहीं होने दी जाए। पुलिस प्रशासन से पूरा सहयोग किया गया। नतीजा यह हुआ कि मेरठ समेत पूरे प्रदेश से कहीं से भी किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं मिला। वहीं दूसरी ओर सूबे की राजधानी में बैठे अफसर प्रदेश भर की निगरानी कर रहे थे। सभी जनपदों के डीएम व एसएसपी से लगातार अपडेट लिया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर (रमजान का आखिरी शुक्रवार) 13 मार्च को पूरे भारत में विशेष इबादत, शांति और सुरक्षा के बीच मनाया गया, जो रमजान के पाक महीने की विदाई का प्रतीक है। नमाजियों ने देश भर में अमन और चैन की दुआ की। ईरान के लिए भी दुआ की गयी। वहां अमन कायम हो ऐसी दुआ की गयी। जुम्मा अलविदा इसलिए भी खास होता है क्योंकि रमजान का यह आखिरी जुम्मा होने के अलावा ईद के गरीब आने का भी संकेत देता है। जुम्मा अलविदा शांति पूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सभी माकूल इंतजाम किए गए थे। शांति व्यवस्था कायम करने के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा सुरक्षा बल भी तैनात किए गए थे।
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