लखनऊ। पाप नाशनी एकादशी 15 मार्च को पड़ रही है। इस एकादशी ब्रत का बहुत ज्यादा महत्व पुराणाें में बताया गया है। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। साल भर में आने वाली सभी एकादशियों में यह एकादशी पापों से मुक्ति दिलाने वाली तिथि माना जाता है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, ‘पाप’ और नाशनी यानी पापों से मुक्त करने वाली। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से व्यक्ति के अनजाने में किए गए पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इस एकादशी का महत्व मेरठ के पीएम शर्मा रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी पंड़ित विवेक शर्मा भी बताते हैं। उन्होंने बताया कि यह एकादशी चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में आती है। शास्त्रों में इसे विशेष महत्व दिया गया है। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और आध्यात्मिक शुद्धि की कामना करते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में यह एकादशी 15 मार्च यानी रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व है।15 मार्च 2026 को उदया तिथी है। अतः गृहस्थों व वैष्णवों यानी सभी के लिए 15 मार्च को ही एकादशी होगी। अगले दिन यानी 16 मार्च को सूर्योदय उपरांत 06:15 के बाद गोघृत यानी गाय के घी द्वारा पारण किया जाएगा।
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