दो घरेलू हिंसा मामलों में मौके पर काउंसलिंग, आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने सुनी महिलाओं की समस्याएं, जनसुनवाई में घरेलू हिंसा के मामले प्रमुख
उत्तरकाशी। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने गुरुवार को जिला सभागार उत्तरकाशी में आयोजित महिला जनसुनवाई कार्यक्रम में महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में महिलाओं से संबंधित कुल 8 मामले दर्ज किए गए, जिनमें अधिकांश शिकायतें शराब के नशे में की जा रही घरेलू हिंसा से जुड़ी पाई गईं। उपाध्यक्ष ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए महिला आयोग हर संभव सहयोग करेगा।
जनसुनवाई के दौरान दो घरेलू हिंसा के मामलों में पति-पत्नी को मौके पर बुलाकर उनकी काउंसलिंग कराई गई, ताकि पारिवारिक विवाद का समाधान आपसी सहमति से किया जा सके। उपाध्यक्ष ने पुलिस और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष ने नशे के कारण बढ़ रही घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवाद की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। जनसुनवाई में उपस्थित महिलाओं ने जनपद में नशा मुक्ति केंद्र, नारी निकेतन तथा महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण (सेल्फ डिफेंस) केंद्र स्थापित किए जाने की मांग उठाई। ऐश्वर्या रावत ने महिलाओं की मांगों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इन तीनों केंद्रों की स्थापना के लिए शासन स्तर पर वार्ता की जाएगी और इस दिशा में सकारात्मक पहल कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति कई सामाजिक समस्याओं को जन्म दे रही है, जिससे परिवारों में विवाद और महिलाओं पर अत्याचार के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में नशा मुक्ति केंद्र, नारी निकेतन और आत्मरक्षा प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
महिला जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने भी प्रतिभाग करते हुए महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। पुलिस और संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके। साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की भी आवश्यकता पर बल दिया गया, जिससे महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग हो सकें और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा सकें।
जनसुनवाई कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री प्रताप पंवार, एसपी कमलेश उपाध्याय, एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम शालिनी नेगी, जिला प्रोबेशन अधिकारी शोएब हुसैन, जिला कार्यक्रम अधिकारी यशोदा बिष्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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