नई दिल्ली। यदि स्लीम ट्रीम नजर आने के लिए आप वेट लॉस करने के लिए कोई इजेक्शन लेना चाहते हैं तो यह अने के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है, इसलिए बेहतर होगा कि इस प्रकार की मुखर्ता से दूर ही रहें और नियमित व्यायाम पर ज्यादा जोर दें। वेट लॉस की जहां तक बात हैं तो उसके कुछ मानक हें जो शरीर और उम्र की अनुपात मेुं होता है। दरअसल वज़न घटाने वाले इंजेक्शन बहुत तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इन्हें ‘स्किनी जैब्स’ कहा जा रहा है, आम भाषा में इन्हें ‘पतले होने का इंजेक्शन’ भी कहते हैं। स्वास्थ्य संबंधित एक रिसर्च में चेतावनी दी गई है कि वज़न घटाने का इंजेक्शन बंद करने पर वज़न सामान्य गति के मुकाबले चार गुना तेज़ी से वापस बढ़ सकता है। वज़न घटाने वाले इंजेक्शन से अधिक वज़न वाले लोगों का वज़न काफी घट जाता है इंजेक्शन से उनका वज़न 20 प्रतिशत तक कम हो जाता है, लेकिन जैसे ही वे इंजेक्शन बंद करते हैं, तो उनका वज़न हर महीने औसतन 0.8 किलो फिर से बढ़ने लगता है, ऐसे इंजेक्शन इस्तेमाल करने वालों का वज़न डेढ़ साल में पहले जितना ही वापस बढ़ जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि “ये इंजेक्शन खरीदने वाले लोगों को पता होना चाहिए कि इलाज बंद होने पर वज़न बहुत तेज़ी से दोबारा बढ़ने का रिस्क होता है।” जो लोग डाइट करते हैं, ऐसे लोग भले ही इंजेक्शन लेने वालों की तुलना में कम वज़न घटाते हैं, लेकिन बाद में उनका वज़न धीरे-धीरे वापस बढ़ता है। अनुमानित तौर पर ऐसे लोगों का वज़न हर महीने औसतन 0.1 किलो बढ़ता है. हालांकि, यह हर मामले में अलग-अलग भी हो सकता है। वहीं इंजेक्शन से वज़न घटाने वाले लोग जब इंजेक्शन लेना बंद कर देते हैं, तो उनका वज़न हर महीने औसतन 0.8 किलो बढ़ जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो नियमित व्यायाम से बेहतर कुछ भी नहीं है।
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