मेरठ। राजस्थान के एक कांवड़ियां की अपने गतव्य की ओर बढ़ने के दौरान रविवार को चौधरी चरण सिंह का कांवड़ पटरी मार्ग पर अचानक तबियत खराब होने के बाद मौत हो गयी। सूचना पर आला अधिकारी भी जिला अस्पताल पहुंच गए। बताया गया है कि रविवार की सुबह अचानक एक कांवड़िया का स्वास्थ्य खराब हो गया। उसे शिविर संचालकों ने आनन-फानन में एंबुलेंस की मदद से सीएचसी में भर्ती कराया गया। दोपहर बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर एंबुलेंस से शिविर में भेज दिया गया, लेकिन दोपहर बाद अचानक चक्कर आकर गिर गया। उसे फिर से एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय लेकर गए। लेकिन वहां चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया। बैग में मिले आधार कार्ड के आधार पर पुलिस उसके परिवार वालों से संपर्क का प्रयास कर रही है। बताया गया हे कि आज सुबह दस बजे डूंगर गांव के सामने एक कांवड़िया बैठा हुआ गिर गया। उसे सेवा शिविर संचालकों ने आनन-फानन में एंबुलेंस की मदद से रोहटा सीएचसी में भर्ती कराया। उपचार के बाद आराम होने पर उसे एंबुलेंस की मदद से डूंगर कांवड़ सेवा शिविर में छोड़ कर आराम करने के लिए कहा गया, लेकिन दोपहर दो बजे के बाद अचानक वह बैठे-बैठे पीछे को गिर गया। सेवा शिविर संचालकों ने उसको फिर से एंबुलेंस बुलाकर जिला चिकित्सालय भेज दिया गया, लेकिन अस्पताल में चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया।
पहले सोमवार को लेकर शहर के मंदिरों में खास तैयारियां
मेरठ। सावन के पहले सोमवार पर शिव भक्तों की भारी भीड़ के चलते छावनी स्थित काली पलटन बाबा औघड़नाथ मंदिर को पूरी रात खुला रखा जाएगा ताकि लोग अपनी सुविधा के अनुसार जलाभिषेक कर सकें। वहीं दूसरी ओर पहले सोमवार के चलते शहर के तमाम शिवालयों में खास इंतजाम किए गए हैं। जिन शिवालयों की अधिक मान्यता है वहां श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के इंतजाम प्रशासन के साथ मिलकर मंदिर कमेटियां कर रही हैं। सावन के पहले सोमवार पर मेरठ ‘बोल बम के जयघोष से गूंजेगा। औघड़नाथ और सिद्धपीठ बिल्वेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सोमवार तड़के 4 बजे से जलाभिषेक शुरू होगा। करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। उनकी बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर समितियों और प्रशासन ने सुरक्षा, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी, पार्किंग और दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीश सिंघल ने बताया कि सोमवार सुबह 4 बजे मंगला आरती के बाद मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। पहले सोमवार के अवसर पर पूरी रात दर्शन की व्यवस्था रहेगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसर में जल चढ़ाने के लिए लोटों की व्यवस्था, साउंड सिस्टम, खोया-पाया केंद्र, जूता स्टैंड और बैरिकेडिंग की व्यवस्था कर दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पहले सोमवार पर प्रवेश नंदी द्वार से और निकास गरुड़ द्वार से कराया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से धैर्य के साथ लाइन में लगकर दर्शन करने और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचने की अपील की है। इसी प्रकार के इंतजाम नगर निगम स्थित बाबा झारखंड़ी महादेव मंदिर और बुढानागेट स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भी किए गए हैं। काली पलटन मंदिर पर सादावर्दी में पुलिस कर्मी तैनात किए जा रहे हैं।
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