गोवंश अनुसंधान की भावी अनुसंधान की दिशा पर हुआ मंथन, समिति ने नए परिसर का भी किया निरीक्षण
मेरठ । भाकृअनुप–केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान, मेरठ में 15 एवं 16 सितम्बर 2026 को 26वीं अनुसंधान सलाहकार समिति (आरएसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आर.ए.सी. के अध्यक्ष एवं भाकृअनुप –केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान, हिसार के पूर्व निदेशक डॉ. आर. के. सेठी ने की। बैठक का उद्देश्य संस्थान में संचालित अनुसंधान कार्यक्रमों की प्रगति एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों की समीक्षा करने के साथ-साथ गोवंश उत्पादन, स्वास्थ्य, आनुवंशिकी, प्रजनन, पोषण तथा संबद्ध क्षेत्रों में भावी अनुसंधान की प्राथमिकताएं निर्धारित करना था। बैठक में समिति के कुल 10 सदस्यों ने भाग लिया। समिति ने संस्थान की वैज्ञानिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए अनुसंधान कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी, व्यावहारिक एवं पशुपालक-केंद्रित बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में डॉ. एच. के. नरूला, सहायक महानिदेशक (पशु उत्पादन एवं प्रजनन), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली; डॉ. एल. राधाकृष्णन, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, पशु पोषण विभाग, मद्रास पशु चिकित्सा महाविद्यालय, चेन्नई; डॉ. विनीत भसीन, पूर्व प्रधान वैज्ञानिक, भाकृअनुप; डॉ. प्रिया पी. एम., प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, पशु चिकित्सा सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग, केरल पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय; डॉ. हरेंद्र गुप्ता, पूर्व संयुक्त निदेशक, भाकृअनुप –भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर; डॉ. शैलेन्द्र कुमार, इक्रिसैट, हैदराबाद; डॉ. ए. के. मोहंती, निदेशक, भाकृअनुप–केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान, मेरठ; डॉ. सत्येंद्र नाथ, कृषक प्रतिनिधि, प्रयागराज तथा रामानंद कटियार, ग्राम ढिपारा, जनपद कन्नौज ने भाग लिया।
नए परिसर का भ्रमण
दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान आर.ए.सी. अध्यक्ष डॉ. आर. के. सेठी ने समिति के सभी सदस्यों के साथ संस्थान के नए परिसर का भ्रमण कर वहां संचालित आधारभूत संरचना एवं अन्य विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। समिति ने संस्थान के अधिकारियों से संवाद किया तथा निर्माणाधीन सुविधाओं और विकास कार्यों का निरीक्षण किया। सदस्यों ने नए परिसर में हुई प्रगति की सराहना करते हुए इसके सुव्यवस्थित विकास, अनुसंधान अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा संस्थान की भावी अनुसंधान एवं विकास आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी एवं रणनीतिक सुझाव दिए।
प्राथमिकताओं पर प्रस्तुतियां
डॉ. सुशील कुमार, सदस्य सचिव, आरएसी एवं अध्यक्ष, गोवंश आनुवंशिकी एवं प्रजनन प्रभाग ने बैठक की कार्यवाही का समन्वय किया। संस्थान के प्रभागाध्यक्षों एवं वैज्ञानिकों ने अपने-अपने अनुसंधान कार्यक्रमों की प्रगति, प्रमुख उपलब्धियों और भावी अनुसंधान प्राथमिकताओं पर प्रस्तुतियां दीं। यह बैठक आवश्यकता-आधारित, नवोन्मेषी एवं पशुपालक-केंद्रित गोवंश अनुसंधान को सुदृढ़ करने के लिए वैज्ञानिक विचार-विमर्श और विशेषज्ञ मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुई। समिति की अनुशंसाओं से गोवंश की उत्पादकता, प्रजनन दक्षता, स्वास्थ्य प्रबंधन तथा टिकाऊ उत्पादन प्रणालियों में सुधार होने के साथ-साथ पशुपालकों और डेयरी क्षेत्र को लाभ मिलने की आशा है।
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