मेरठ। नगर निगम के निर्माण के ठेकेदार का कारनामा देखकर अफसर अपना माथा पीट रहे हैं। नाला बनाने का ठेका लेने वाले ठेकेदार ने नाला तो बनाया लेकिन नए बनाए गए नाले में पानी की निकासी को सुगम बनाने के बजाए नाला दो फाड़ कर दिया है। मामले की शिकायत कमिश्रर व डीएम तक पहुंचा दी गयी है। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि ठेकेदार का यह कारनामा शिवाजी रोड शंकर आश्रम इलाके से जुड़ा है जहां नगर निगम द्वारा बनवाए गए नाले में ठेकेदार ने अपनी कारगुजारियां दिखाने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी। लोगों का कहना है कि नाला निर्माण में दिखाई गई कारगुजारी से शंकर आश्रम क्षेत्र का इस बारिश में डूबना तय है, क्योंकि पानी की निकासी को जो जरिया नाला बन जाने से बनना था उस पर ठेकेदार ने ही पानी फेर दिया।
शिवाजी रोड स्थित शंकर आश्रम की ओर नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे नाले के निर्माण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कई स्थानों पर पेड़ों को हटाए बिना नाला बना दिया गया, जिसके कारण आज भी नाले के बीच अवरोध बने हुए हैं और जल निकासी प्रभावित हो रही है। जो नाला बनाया गया है उसमें भारी भरकम पेड़ जिन्हें कटवा तो दिया गया, लेकिन उनके ठूंठ यानि जड़ों को नहीं निकाला। वो इस नाले में आज भी मौजूद हैं। जहां नाला बनाया गया है वहां पर ट्रांसफार्मर भी रखा हुआ है, लेकिन ट्रांसफार्मर को हटाए या उसके नीचे से नाले की जगह बनाने की जहमत ठेकेदार ने उठाना गंवारा नहीं समझा और जहां ट्रांसफार्मर रखा हुआ है उतने रास्ते पर नाला ही नहीं बनाया गया। ट्रांसफार्मर के दोनों छोरों तक ही नाला बनाया गया। इस मामले की शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता विपुल सिंहल ने कमिश्ररी और डीएम तक भी पहुंचा दी है। साथ ही उन्होंने मौके पर नगरायुक्त सौरभ गंगवार से वार्ता की भी जानकारी दी, लेकिन विपुल सिंहल का कहना है कि नगरायुक्त से वार्ता के बाद भी अभी इस नाले के हालात जस के तस हैं
तो सड़कों पर उतरेंगे व्यापारी
विपुल सिंहल ने बताया कि शाह विलायत कब्रिस्तान के निकट ट्रांसफार्मर के दोनों ओर नाले की कनेक्टिविटी बाधित कर दी गई है, जिससे बरसात के दौरान शंकर आश्रम एवं जगन्नाथपुरी क्षेत्र में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। आज जगन्नाथपुरी सुधार समिति के अध्यक्ष विपुल सिंघल ने नगर आयुक्त सौरभ गंगवार से मौके पर वार्ता की, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। छिपी टैंक व्यापार संघ के अध्यक्ष ललित गोयल ने चेतावनी दी है कि यदि बरसात से पूर्व ट्रांसफार्मर के नीचे से नाले का निर्माण कर जल निकासी सुचारु नहीं की गई, तो क्षेत्र के निवासी एवं व्यापारी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम और जिला प्रशासन की होगी। वहीं दूसरी ओर नगरायुक्त सौरभ गंगवार व निगम निर्माण विभाग के चीफ प्रमोद सिसौदिया ने एक्सपर्ट टीम भेजने की बात कही है।
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