मेरठ। सेंट्रल मार्केट शास्त्रीनगर से सटे सैक्टर दो-तीन-चार में सोमवार को अचानक उस वक्त अफरा-तफरी मच गयी जब अचानक यह बात फैल गयी कि आज आवास विकास परिषद ने जिन मकानों को नोटिस दिया है, वहां तोड़फोड़ के लिए जेसीबी भेज दी गयी है। इसके बाद लोग एकत्र होने शुरू हो गए। आवास विकास की दूसरी योजनाओं में रहने वाले भी जहां सैक्टर दो में पहले धरना चल रहा था वहां जमा हो गए, लेकिन बात में पता चला के छोटो और मझोले यानी तीन और साठ मीटर वाले मकानों में सेटबैक के स्टेटस की जांच के लिए कानपुर से टीम आयी हुई है। टीम के अफसर जब मौके पर मुआयना करने के लिए पहुंचे तो सबसे बड़ी मुसीबत यह थी कि मकानों का स्टेटस देखने के लिए मकानों का खुलवाना जाना जरूरी था, लेकिन शुरू में कोई भी शख्स अपना मकान खोलने के लिए तैयार नहीं हुआ। दरअसल सभी लोग डर रहे थे कि कहीं उनके मकान से ही सेटबैक तोड़ने की शुरूआत ना हो जाए लेकिन ऐसा कुछ नहीं होना वाला था आज केवल सेटबैक का स्टेटस देखने के लिए कानपुर से अफसरों के टीम पहुंची थी। 0 लोगों की टीम निरीक्षण के लिए आई थी। इनमें चार लोग कानपुर से आए थे, जबकि बाकी आवास विकास के अधिकारी थे। शास्त्रीनगर में सेटबैक विवाद के बीच सोमवार को कानपुर से आई विशेषज्ञों की टीम ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों के साथ सेक्टर-2 के चिन्हित मकानों का निरीक्षण किया। टीम ने टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक कई मकानों के अंदर जाकर उनकी वास्तविक स्थिति देखी कि सेटबैक के लिए घरों का हिस्सा हटाने पर कितना नुकसान हो सकता है। कई मकान काफी जर्जर हालत में मिले। कुछ मकानों में प्लास्टर इतना कमजोर था कि हाथ लगाने पर ही उखड़ रहा था। टीम ने दीवारों, नींव और घरों की मजबूती की जांच की। अधिकारियों का कहना है कि निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
आवास विकास परिषद के सेटबैक के नोटिसों को लेकर जिन करीब 815 मकानों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं उनके स्वामियाें में खौफ जारी है। उनका कहना है कि वो किसी भी कीमत पर केवल राहत चाहते हैं ना इससे ज्यादा ना कम। हालांकि यह भी सही है कि अभी तक इन मकानों को लेकर राहत की कोई मिलती नजर नहीं आ रही है। राहत के लिए यहां के लोग तमाम जतन कर चुके हैं। धरना, बुद्धिशुद्धि यज्ञ और जितना भी जो भी कुछ किया जा सकता था वो सब कर चुके हैं, लेकिन राहत भरी खबर का उनका इंतजार आज भी जारी है।
इनसे कर चुके हैं फरियाद
सेटबैक के नोटिस और आवास विकास परिषद के संभावित कार्रवाई से डरे परिवार अब तक सांसद के अलावा भाजपा के तमाम मंत्रियों और विधायकों तथा राज्यसभा सदस्य से भी मिल चुके हैं। उनकी बात सुनी लेकिन किसी भी भी इस बात की गारंटी नहीं दी कि वो सेटबैक की कार्रवाई नहीं होने देंगे। उनके मकान नहीं तोड़े जाएंगे। हालांकि इससे पहल तमाम नेता इन लोगों से दावे से कहते थे कि उनके रहते हुए कोई मकान को छू भी नहीं सकता। लेकिन उनके इस दावे को लेकर जब सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल किए जाने लगे उसके बाद भाजपा के किसी भी नेता ने फिर पहले की तरह दावे करने से परहेज बरता। वहीं दूसरी ओर वहीं दूसरी ओर सेटबैक के विरोध में सेक्टर-2 के तिरंगा रोड और सेक्टर-4 चौराहे पर महिलाओं का धरना सोमवार को भी जारी रहा। धरने पर बैठीं महिलाओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और भगवान से अपने घर और प्रतिष्ठान बचाने की प्रार्थना की।
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