मेरठ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन तथा एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के संयुक्त सहयोग से शनिवार, 1 अगस्त को स्वच्छ वायु एवं स्वास्थ्य जागरूकता को समर्पित दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में आयोजित पोस्टर डिसेमिनेशन कार्यक्रम से हुई, जहां ‘वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य विषय पर तैयार किए गए जागरूकता पोस्टरों का वितरण चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के बीच किया गया। इस अवसर पर लग्स केयर फाउंडेशन और डाक्टर्स फॉर क्लीन एयर एंड क्लाइमेट एक्शन/डीएफसीए मुख्यालय की ओर से अंशिका कंसल और हृतिका गोगिया ने वायु प्रदूषण के बढ़ते स्वास्थ्य प्रभावों, उससे बचाव के उपायों तथा चिकित्सा समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण केवल पर्यावरणीय चुनौती नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है, जो विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों तथा श्वसन एवं हृदय रोगियों को प्रभावित करता है। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि वे मरीजों के उपचार के साथ-साथ स्वच्छ वायु के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम का दूसरा सत्र आईएमए हॉल में हुआ ‘एयर पॉल्यूशन एंड हेल्थ पॉलिसी ब्रीफÓ का विमोचन किया गया। इसके पश्चात आईएमए हॉल में एयर पॉलुशन एंड एयर पॉलिसी ब्रेथ का औपचारिक विमोचन किया गया। इस दौरान वायु प्रदूषण से उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों, उनके समाधान, नीतिगत सुझावों तथा भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। आईएमए मेरठ की अध्यक्ष डॉ. मनीषा त्यागी ने भी वायु प्रदूषण के बढ़ते प्रभावों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु प्रत्येक नागरिक का अधिकार है तथा चिकित्सकों की जिम्मेदारी केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने ऐसे जनजागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए चिकित्सा समुदाय से इस दिशा में निरंतर सहयोग देने का आह्वान किया।
Leave a comment