नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के सामने झुक नहीं रहे हैं दोनों देश केवल समझौत कर रहे हैं। दरअसल अमेरिका में यह धारणा है कि देश शायद बहुत अधिक त्याग कर रहा है, या बहुत अधिक रियायतें दे चुका है।वहीं दूसरी ओर ईरानी के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ समझौते के बेहद करीब हैं और समझौता बेहद अच्छी शर्तों पर हो रहा है। उन्होंने ईरानी मीडिया से आग्रह किया है कि समझौते को लेकर किसी प्रकार की अटकलें ना लगाएं। अमेरिका के राष्ट्रपति ईरानी मीडिया पर जमकर बरसे हैं। इसकी वजह ईरानी मीडिया रिपोर्टस में ट्रंप को ईरान के सामने सरेंडर करन दिए जाने का दावा किया है। इससे पहले ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि ईरान पर भयंकर हमले किए जाएंगे। उसके खरगद्वीप जहां तेल के अकूत भंडार हैं कब्जाकर लिया जाएगा, ईरान ने भी अमेरिका को व्यापक हमलों की धमकी दे डाली और हमले किए भी। लेकिन एकाएक दोनों पक्ष बातचीत व समझौते की बात करने लगे।
ईरान और अमेरिका के बीच समझौते में बड़ी बाधा इजरायल है। ईरान की शर्त है कि इजरायल के लेबनान पर हमले रोके जाएं तभी समझौता संभव है। डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इजरायली पीएम नेतन्याहू को लगभग फटकारने के अंदाज में लेबनान पर हमले बंद करने को कह चुके हैं, लेकिन यह बात अलग है कि नेतन्याहू ट्रंप की बात अभी तक मानने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रिपोर्टस में कहा गया है कि इजरायली हमले में अब तक 3711 लेबनानी मारे जा चुके हैं और 11,483 लोग घायल हो चुके हैं, क्योंकि इजरायल की सेना दक्षिण में अपनी घातक बमबारी और कब्जे को जारी रखे हुए है।
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