मेरठ। सिविल लाइन के वेस्टर्न कहचरी रोड पर सीएम ग्रिड की सड़क को ठेकेदार बगैर अतिक्रमण हटवाए ही बना रहा है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि करोड़ों कीमत की जिस सरकारी जमीन पर फाइलों में अवैध कब्जा माना जा रहा था, उस कब्जे को नगर निगम के सीएम ग्रिड ठेकेदार ने वैध बना दिया है। मसलन अवैध कब्जा हटाए बगैर ही सड़क बनवा दी जा रही है। और तो और वेस्टर्न कचहरी रोड पर ही कहचरी पुल के समीप जहां मंदिर है और नाला बनाने का काम चल रहा है, वहां भी किया गया अवैध कब्जा हटवाए बगैर ही कब्जे वाले स्थान के लिंडर के नीचे से नाला निकाल दिया जा रहा है। इस इलाके में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को छोड़ देने और उन्हें ना तोड़ने के पीछे ठेकेदार द्वारा जिन्होंने कब्जा किया हुआ है उनसे मोटा लेनदेन किए जाने की चर्चा आम है। वर्ना क्या वजह है कि सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बनायी जाने वाले सड़क को काम शुरू करने से पहले अवैध कब्जे क्यों नहीं हटाए गए। अवैध कब्जों को हटाने के बजाए सड़क और नालों को तिरछा कर दिया जा रहा है। इसकी शिकायत आरटीआई एक्टिविस्ट संदीप पहले ने भी सीएम कार्यालय को कर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। वेस्टर्न कचहरी रोड पर रोड साइड पर नाला भी बनाया जा रहा है। इस काम को करीब दो साल होने को आए लेकिन अभी तक काम पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। लोगों ने बताया कि यहां दिन भर धूल उड़ती हैं। दुकानों का सामान ही इस धूल से खराब नहीं हाे रहा है बल्कि सीएम ग्रिड योजना के तहत यहां कराए जा रहे काम के चलते उड़ रही धूल लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डाल रही है। यह धूल सांस के जरिये फेंफडों पर जाकर बैठ रही है। अनेक लोग अब सांस के रोगी हो गए हैं। लेकिन समस्या इससे भी ज्यादा बड़ी है वो यह कि यहां नाला निर्माण में जो मैटिरियल लगाया जा रहा है आरोप है कि वह मानकों के अनुरूप नहीं है। आरटीआई एक्टिवस्ट बताते हैं कि इसको लेकर उन्होंने नगरायुक्त व महापौर के अलावा कार्यदायी संस्था के ठेकेदार से भी सवाल पूछे थे यह बात अलग है कि उत्तर नहीं दिया गया।
गढ़ रोड कर दिए नाले नालियां तिरछीं
सीएम ग्रिड योजना का काम सबसे पहले गढ़ रोड पर ही शुरू किया गया। गांधी आश्रम से लेकर तेजगढ़ी चौराहे तक सड़क बनाए जाने का काम शुरू किया गया। गढ़ रोड पर भी ठेकेदार पर अवैध कब्जों को हटवाए बगैर ही नाले नालियों को तिरछा कर सड़क बनाए जाने के आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप किसी अन्य ने नहीं बल्कि सत्ताधारी भाजपाइयों ने लगाए हैं। भाजपाइयों ने इसको लेकर मंडलायुक्त से शिकायत भी की, लेकिन उनका कहना है कि शिकायत किए जाने के बाद भी अधिकारियों ने किया कुछ नहीं। रोड़ को तिरछा कर दिया गया। रोड ही नहीं नाले नालियां तक एल शेप में कर दी गयीं। इसका नुकसान यह होगा कि बारिश में नाले नालियां चोक हो जाएंगी। शिकायत करने वालों ने बताया कि शोहराबगेट बस स्टैंड के सामने होटल वालों तथा अन्य दुकानदारों ने सड़क तक कब्जे किए हुए हैं। होना यह था कि जब सीएम ग्रिड रोड का काम वहां तक पहुंचा तो पहले अवैध कब्जे हटवाए जाते लेकिन ठेकेदार ने ऐसा कुछ नहीं किया और सड़क को ही तिरछा कर जो कब्जे अवैध थे उनको वैध करार दे दिया।
वर्जन
सीएम ग्रिड के कार्य की निगरानी कर रहे नगर निगम के चीफ प्रमोद सिसौदिया ने बताया कि सीएम ग्रिड के कार्य की समीक्षा के लिए समय समय पर लखनऊ से एक्सपर्ट की टीम मेरठ आती है। जो नक्शा दिया गया है उसकी अनुसार सीएम ग्रिड का कार्य कराया जा रहा है। लखनऊ से आने वाले अफसर खुद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने के बाद ही काम को आगे बढ़ाने के लिए क्लीनचिट देते हैं।
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