मेरठ। सीबीआई और ईडी जैसी केंद्र की जांच ऐजेंसियों के रडार में मेरठी हैं। डा. सतीश शर्मा और हाजी शाहिद अखलाक के बाद तीसरा नंबर विक्रम सिंह यादव का है।उन्हें हिरासत में लिए जाने की बात सुनने में आ रही है। सेना से रिटायर्ड विक्रम यादव के टीपीनगर के शेखपुरा स्थित आवास पर ईडी के अफसरों ने आज सुबह दबिश दी। ईडी की टीम सुरक्षर के लिए अपने साथ सीआरपीएफ का दस्ता लेकर पहुंचे थे। आसपास के लोगों ने बताया कि ईडी अफसरों के विक्रम यादव के मकान में दाखिल होने के बाद सीआरपीएफ के जवानों पर मकान पर घेरा तंग कर दिया। यहां तक कि लोकल पुलिस को भी विक्रम यादव के मकान में भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गयी और तो और ईडी अफसरों ने लोकल पुलिस की किसी प्रकार की सिक्योरिटी लेने तक से इंकार कर दिया। भीतर क्या चल रहा है इसकी भनक तक बाहर नहीं आने दी गई। उल्लेखनीय है कि चंद रोज पहले पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक के गुजरी बाजार स्थित आवास व हापुड़ रोड स्थित मीट प्लांट पर ईडी ने दबिश दी थी। हाजी शाहिद को हिरासत में लेकर उनको बाद में अरेस्ट कर लिया था। हाजी शाहिद से पहले कैंट बोर्ड सदस्य डा. सतीश शर्मा को तीन लाख के रिश्वती नोटों के साथ सीबीआई ने उन्हें उनके बाईपास अंसल टाउन स्थित आवास से अरेस्ट किया था। विक्रम यादव पर ईडी की कार्रवाई के पीछे बताया जा रहा है कि पुलिस सूत्रों की मानें तो विक्रम सिंह यादव के खिलाफ पिछले वर्ष धोखाधड़ी का एक मुकदमा भी दर्ज किया गया था। दरअसल, डूंगरावली निवासी सुनील कुमार पुत्र बाबू ने पुलिस अफसरों को शिकायत की थी कि विक्रम सिंह यादव ने उनके भाई सुशील कुमार को मृत दिखाकर वर्ष 2002 की वसीयत के आधार पर 400 गज जमीन अपने बेटे हरीश यादव के नाम करा दी थी।
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