मेरठ/नगर निगम प्रशासन का दावा इंदौर की तर्ज पर महानगर की सड़कों सफाई का और निगम पार्षद बोले महानगर की सड़कों की सफाई नहीं बल्कि जनता के टैकस के पैसों की खुली लूट है। महानगर की ११९ किलोमीटर सड़कों की सफाई का ठेका आगरा की जिस अग्रवाल एंड अग्रवाल कंपनी को दिया गया है, उनके द्वारा लायी गयी मशीनों का आज सर्किट हाउस पुलिस लाइन के सामने सांसद अरुण गोविल ने उद्घाटन किया। इससे पहले सर्किट हाउस में नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि सांसद के सुझाव पर ही नगर निगम ने इंदौर की तर्ज पर महानगर की सड़कों की सफाई का प्लान तैयार किया था। सांसद अरुण गोविल ने कहा कि वह चाहते हैं कि स्वच्छता के मानकों में मेरठ महानगर की तुलना इंदौर से की जानी चाहिए। उद्घाटन के मौके पर अग्रवाल एंड अग्रवाल कंपनी की मशीनों के अलावा इन मशीनों के साथ चलने वाले वाले सफाई कर्मचारियों का पूरा दल भी मौजूद था। इसके अलावा उद्घाटन के मौके पर महापौर हरिकांत अहलूवालिया, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, नगरायुक्त सौरभ गंगवार, अपर नगरायुक्त पंकज सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी अमन सिंह अवाना के अलावा गिनती के कुछ पार्षद भी मौजूद रहे। नगर निगम प्रशासन ने इस मौके पर खास तैयारियां की थीं। नगरायुक्त ने सांसद व अन्य अतिथियों को महानगर की सफाई व्यवस्था को लेकर प्रस्तावित योजनाओं की भी जानकारी दी।
पार्षदों ने बनायी दूरी
नगर निगम द्वारा आयोजित जिस कार्यक्रम में सांसद, महापौर, कैंट विधायक सरीखे बड़े नाम मौजदू हों उस कार्यक्रम से नगर निगम के पार्षद यदि दूरी बना लें तो सवाल तो पूछा ही जाएगा। कार्यक्रम में नगर निगम के गिनती के चंद वो पार्षद नजर आए भाजपा में जितनी गिनती कैंट विधायक के करीबियों के तौर पर की जाती है। बाकि कोई पार्षद नजर नहीं आया। नाम ना छापे जाने की शर्त पर कुछ पार्षदों ने बताया कि इस कार्यक्रम से जानबूझ कर पार्षदों को दूर रखा गया है। निगम अफसरों को उलाहना देते हुए उन्होंने बताया कि आज सुबह उनके पास निगम से इस कार्यक्रम को लेकर कॉल आयी और सुबह १०.३० बजे सर्किट हाउस पहुंचने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि ऐन मौके पर बुलाया जाना भला कोई कैसे जा सकता है। और जो गए वो कैंट विधायक की वजह से गए।
महानगर की सड़कों की सफाई के नाम पर अग्रवाल एंड अग्रवाल कंपनी को हर माह १.५० करोड़ के ठेके को लेकर निगम के कई पार्षदों ने इसको अफसरों की खुली लूट का एक नया तरीका बताया है। निगम पार्षद कीर्ति घोपला ने कहा कि जिस प्रकार से महानगर की ११९ किलोमीटर की सड़कों का ठेका आगरा की कंपनी को दिया गया है। उसी तर्ज पर पूर्व में निगम के अफसर नाला सफाई के नाम पर खेल किया करते थे। नाला सफाई के नाम पर दस-दस लाख से कम रकम के ठेके छोड़े जाते थे, जबकि हकीकत यह है कि नालों की जब भी और जितनी भी सफाई हुईं वो नगर निगम की जेसीबी से हुईं। किसी भी ठेकेदार ने नालों की सफाई के लिए कभी भी कुछ नहीं किया। जिस प्रकार से पूर्व में नालों की सफाई के नाम केवल ओर केवल लूट का खेल खेला गया, उसी तर्ज पर अब महानगर की सड़कों की सफाई के नाम पर पब्लिक के टैक्स के पैसे की खुली लूट का खेल खेला जा रहा है। इस पर पार्षद चुप नहीं रहेंगे।
वर्जन
सांसद अरुण गोविल ने कहा कि स्वच्छता रैकिंग में मेरठ का नाम टॉप पर आएंगा। नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने कहा कि महानगर के लिए अभी ऐसी कई योजनाएं प्रस्तावित हैं, महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि महानगर के विकास के लिए जो भी सुझाव आएं उनका स्वागत है।पार्षद कीर्ति घोपला ने कहा कि महानगर की सड़कों की सफाई पहले भी होती थी, इसमें नया कुछ नहीं सिवाय लूट के।
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