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ईरानी की फ्रांस व ब्रिटेन को बाज आने की चेतावनी

ईरानी की फ्रांस व ब्रिटेन को बाज आने की चेतावनी

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फ्रांस व ब्रिटेन को ईरान ने धमकाया
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नई दिल्ली। स्ट्रेट होर्मूज को खोलने के सवाल पर यूएस की मदद करने की बात करने वाले तमाम देश ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड की धमकी के बाद दहशत में हैं। इनमें फ्रांस और ब्रिटेन सरीखे देश भी शामिल हैं। ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने हाल ही में अमेरिका का साथ देने वाले या उनके प्रतिबंधों का पालन करने वाले देशों को सख्त चेतावनी दी है। इन देशों को ईरान ने अमेरिका का साथ देने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे डाली है। माना जा रहा है कि IRGC की धमकी के बाद ये देश संभवत: पीछे हटें और होर्मूज स्ट्रेट खुलवाने के नाम पर अमेरिका अकेला ही खड़ा रह जाए।

ईरान की सेना ने स्पष्ट किया है कि जो देश ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का समर्थन करेंगे, उन्हें वैश्विक तेल और गैस व्यापार के मुख्य मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ से गुजरने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने क्षेत्र, सैन्य अड्डों या राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति देने वाले किसी भी देश को “शत्रुता का कार्य” माना जाएगा। वहीं दूसरी ओर इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी सरकार ने ईरानी हितों पर नए प्रतिबंध लगाए और जहाजों को चेतावनी दी कि वे जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए तेहरान के अधिकारियों को रिश्वत न दें।

अमेरिका की मदद की बात करने वाले फ्रांस व ब्रिटेन जैसे देश दहशत में हैं। ईरान ने होर्मुज में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का समर्थन करने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों को भी युद्धपोत तैनात न करने की कड़ी चेतावनी दी है। IRGC ने जोर देकर कहा है कि अगर उनके तेल टैंकरों या व्यावसायिक जहाजों पर कोई भी हमला होता है, तो मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और दुश्मन जहाजों को सीधे और तुरंत निशाना बनाया जाएगा। यह तनावपूर्ण स्थिति दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक में गतिरोध पैदा कर रही है।

पर्दे के पीछे के प्रयास

संयुक्त राज्य अमेरिका और बहरीन ने एक संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया है, जिसमें ईरान से जलमार्ग के माध्यम से जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध रोकने का आह्वान किया गया है, जो 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से एक प्रमुख तनाव का केंद्र बन गया है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सेना के अधिकारी मोहम्मद अकरमिनिया ने बताया, “जो देश ईरान पर प्रतिबंध लगाकर संयुक्त राज्य अमेरिका का साथ देंगे, उन्हें निश्चित रूप से जलडमरूमध्य पार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।” उन्होंने आगे कहा, “हमने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक नई कानूनी और सुरक्षा प्रणाली स्थापित की है। अब से, इससे गुजरने की इच्छा रखने वाले किसी भी जहाज को हमारे साथ समन्वय करना होगा।” उन्होंने कहा कि यह प्रणाली “अब लागू हो चुकी है” और इससे “आर्थिक, सुरक्षा और राजनीतिक लाभ” प्राप्त होंगे। ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने X पर एक पोस्ट में इसी तरह की चेतावनी जारी की।

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