नई दिल्ली। हंता वायरस ने एक बार फिर से दस्तक दी है। अमेरिका और फ्रांस जैसे अति विकसित देशों की सरकार ने इस वॉयरस की पुष्टि भी कर दी है। लेकिन डरावनी खबर यह है कि हंता संक्रमित कुछ लोग रहस्मय तरीके से गायब हो गए हैं। यदि उन्हें जल्ट ट्रेस नहीं किया गया तो वो अन्य को संक्रमित करेंगे। यह वायरस काफी तेजी से फैलने वाला बताया जा रहा है। एक क्रूज पर सवार अमेरिकन का टेस्ट पॉजेटिव आया है। यह उस समय हुआ जब यात्री यात्री अपने-अपने देशों में लौट रहे हैं, ऐसे में एक फ्रांसीसी यात्री भी पॉजेटिव पाया गया है। रविवार को द्वीप समूह के सबसे बड़े द्वीप टेनेरिफ के पास जहाज के लंगर डालने के बाद यात्री सैन्य और सरकारी विमानों से अपने घर लौटने लगे। जहाज पर सवार कम से कम आठ लोगों में पहले से ही हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि हो चुकी थी या इसके होने का संदेह था। तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कम से कम एक व्यक्ति गहन चिकित्सा में है।
यह हुआ
टेनेरिफ़ में लंगर डाले हुए एमवी होंडियस जहाज के यात्रियों को पूरी सुरक्षा किट पहने अधिकारियों द्वारा छोटी नावों में बिठाकर सुरक्षित तट तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें विमानों में बिठाया गया, जो रविवार और सोमवार को विभिन्न गंतव्यों के लिए रवाना हुए। टेनेरिफ़ से उड़ान भरने वाले विमानों में 20 से अधिक देशों के यात्री सवार थे। स्पेन के यात्रियों को सबसे पहले मैड्रिड के एक सैन्य अस्पताल में ले जाया गया, जबकि नॉर्वे ने अपने नागरिकों के लिए एक एम्बुलेंस विमान भेजा।
अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि निकाले गए 17 अमेरिकी यात्रियों में से कम से कम एक में वायरस की पुष्टि हुई है, लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे। अमेरिकी यात्रियों को लेकर आ रहा विमान सोमवार को ओमाहा, नेब्रास्का पहुंचने वाला था, जहां उन्हें क्वारंटाइन में रखा जाना था। फ्रांस की स्वास्थ्य मंत्री स्टेफ़नी रिस्ट ने रविवार को खुलासा किया कि रविवार को फ्रांस लौट रही एक उड़ान में पांच फ्रांसीसी यात्रियों में से एक में लक्षण दिखाई दिए। पेरिस पहुंचने के बाद से महिला की हालत तेजी से बिगड़ गई है। इससे पहले, प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने कहा था कि सभी पांचों को “अगले आदेश तक” आइसोलेशन में रखा जा रहा है।
जापान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि एक जापानी नागरिक ब्रिटिश सरकार द्वारा आयोजित उड़ान से ब्रिटेन गया था और उस पर 45 दिनों तक निगरानी रखी जाएगी। ब्रिटेन के अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों को 72 घंटे के लिए अस्पताल में क्वारंटाइन किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें छह सप्ताह तक स्व-पृथकवास में रहना होगा। नीदरलैंड्स में, विभिन्न देशों के 26 लोगों को लेकर एक निकासी विमान रविवार शाम को आइंडहोवेन शहर में उतरा। डच नागरिकों को छह सप्ताह के लिए अपने घरों में ही सेल्फ-क्वॉरंटाइन में रखा जा रहा है। जर्मनी, ग्रीस, भारत, पुर्तगाल, अर्जेंटीना, बेल्जियम, यूक्रेन, ग्वाटेमाला, फिलीपींस और मोंटेनेग्रो के अन्य लोगों को स्थानीय अधिकारियों द्वारा क्वारंटाइन में रखा जाना था या उन्हें उनके घर वापस भेज दिया जाना था।
इन्हें करता है संक्रमित
डब्लूएचओ के अनुसार हैंता वायरस उन मनुष्यों को संक्रमित करता है जो संक्रमित कृन्तकों के मूत्र, मल या लार से वायरस कणों से दूषित हवा में सांस लेते हैं।
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