नई दिल्ली। स्ट्रेट होर्मूज को खोलने के लेकर यूएस और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। ईरान ने आज कुवैत के करीब अमेरिका के एक माल वाहक जहाज पर मिसाइल से हमला कर दिया। मिसाइल लगते ही अमेरिका का यह माल वाहक जहाज बीच से टूट गया और धू-धूकर जलने लगा। इससे पहले भी स्ट्रेट हाेर्मूज में ईरानियों ने अमेरिका के तीन शिप जिसको युद्धक बताया जा रहा है खदेड़ दिया था। इन दोनों घटनाओं के बाद भी अभी तक यूएस नेवी की ओर से कोई जवाब ना दिया जाना भी हैरानी भरा है। हालांकि इस सारे घटनाक्रम और टकराव के बाद भी दोनों देशों के बीच बातचीत के प्रयास पाकिस्तान की मार्फत जारी हैं।
पश्चिम मीडिया की खबरों में एक ‘विश्वसनीय सूत्रों’ का हवाला देते हुए दावा किया है कि क़तर के तट के पास जिस मालवाहक जहाज़ को निशाना बनाया गया था, वह अमेरिकी था। हमले में जिस मालवाहक जहाज़ को निशाना बनाया गया था, वह अमेरिकी मालिकाना हक़ वाला था और उस पर अमेरिकी झंडा लगा हुआ था। हालांकि, इस मामले में अभी तक अमेरिका की तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। क़तर की राजधानी दोहा से लगभग 43 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में एक जहाज़ पर “किसी अज्ञात तरह के प्रोजेक्टाइल” से हमले की खबर इससे पहले भी दी गयी लेकिन बाद में साफ हुआ कि जिस पर हमला हुआ वह अमेरिकन मालवाहक जहाज था। उसमें आग लगने की ख़बरें आईं, जिसे बाद में काबू कर लिया गया।
पहले स्ट्रेट होर्मूज पर यूएस के तीन युद्धक बताए जा रहे शिप पर हमला उन्हें खदेड़ा जाना और अब कतर के तट के समीप अमेरिका के मालिकाना हक वाले माल वाहक जहाज पर हमले के बाद भी अमेरिका के मैरिन्स को कोई रिएक्ट ना किया जाने के निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि ट्रंप फिलहाल कोई नया मोर्चा नहीं चाहते। पहले मोल ली लड़ाई में वह काफी कीमत चुका चुके हैं। माना जा रहा है कि ट्रंप का सारा ध्यान लड़ाई को पूरी तरह से खत्म कर माहौल सामान्य करने के प्रयासों की ओर है। इसी बीच यह भी बता दें कि आज ही ईरान के इस्लामिक रेवल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका और उसके मित्र देशों को बड़े हमलों की चेतावनी दे डाली है।
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