नई दिल्ली। ईरानी मिसाइलों के खौफ के चलते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चंद घंटों ही बैकफुट पर आ गए। स्ट्रेट हाेर्मूज को खोलने के नाम पर अमेरिकन नेवी से शुरू कराया गया सैन्य अभियान ऑपरेशन फ्रीडम डोनाल्ड ट्रंप को बंद कराना पड़ा। ट्रंप ने दावा किया था कि स्ट्रेट होर्मूज में फंसे तमाम कारोशिप को यूएस नेवी सुरक्षित निकालने के लिए रास्ता बनाएगी, लेकिन यह अभियान ट्रंप की फजीहत की वजह बन गया और इसको रोकना पड़ा। रही सही कसर इसमें चीन ने पूरी कर दी। चीन ने पुरजोर तरीके से अमेरिकन नेवी के स्ट्रेट हाेर्मूज में चलाए गए अभियान का विरोध किया। नतीजा यह हुआ कि यूएस नेवी के कमांडरों को बैकफुट पर आना पड़ गया।
अब बातचीत की बात
ऑपरेशन फ्रीडम पर अचानक ब्रेक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप मामले को संभालने के लिए बातचीत से रास्ता निकालने की बात करने लगे हैं। ट्रंप ने कहा कि यह रोक ईरान के साथ एक “व्यापक और अंतिम समझौते” (Complete and Final Agreement) तक पहुंचने की दिशा में हो रही प्रगति के कारण लगाई गई है। ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ (जहाजों को ले जाने का अभियान) को रोकने के बावजूद, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (Blockade) जारी रखी है। पश्चिम मीडिया रिपोर्टस की मानें तो यद्यपि यह ऑपरेशन कूटनीतिक कारणों से रोका गया, लेकिन यह ईरान द्वारा जहाजों के आवागमन को रोकने और तनाव के माहौल के बीच आया है। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस तरह का अमेरिकी हस्तक्षेप संघर्ष को और भड़काएगा। हालांकि ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के साथ बातचीत विफल होती है या वह प्रतिबद्धताओं से पीछे हटता है, तो अमेरिका फिर से पूरी ताकत के साथ ऑपरेशन शुरू कर देगा।
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