उत्तरकाशी।
मां गंगा की स्वच्छता और शहर में हो रही अवैध कूड़ा डंपिंग के विरोध में हनुमान चौक स्थित श्री देव सुमन मंच पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को 84वें दिन में प्रवेश कर गया। गोपीनाथ सिंह रावत के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में स्थानीय लोगों का समर्थन लगातार बढ़ता जा रहा है। आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि जब तक मां गंगा को प्रदूषण से बचाने और शहर में कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था बनाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक धरना जारी रहेगा।
धरनास्थल से गोपीनाथ सिंह रावत ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी श्री देव सुमन ने टिहरी रियासत के अत्याचारों के खिलाफ 84 दिनों तक जेल में भूख हड़ताल कर ऐतिहासिक संघर्ष किया था। उसी महान बलिदान और संघर्ष से प्रेरणा लेते हुए आंदोलनकारियों ने भी मां गंगा की रक्षा के लिए अनिश्चितकालीन संघर्ष का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि यदि सुमन 84 दिनों तक अपने सिद्धांतों के लिए अडिग रह सकते हैं तो हम भी गंगा की स्वच्छता और उत्तरकाशी के भविष्य के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने को तैयार हैं।
आंदोलनकारियों ने कहा कि यह केवल एक धरना नहीं बल्कि गंगा और शहर के पर्यावरण की रक्षा का जनसंघर्ष है। उनका कहना है कि इतने लंबे समय से आंदोलन चलने के बावजूद जिला प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज करने के साथ जनभागीदारी बढ़ाई जाएगी।
धरने में शामिल लोगों का कहना है कि उत्तरकाशी जैसे धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर में कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था न होना गंभीर चिंता का विषय है। मां गंगा में गिर रहे कूड़े को रोकने और स्वच्छता की प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग को लेकर यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
धरना स्थल पर संदीप रावत, संतोष नगी, आकाश पंवार, विष्णुपाल पंवार, रितेश चौहान, रामलाल विश्वकर्मा, विष्णुपाल सिंह रावत, जितेंद्र, भरत सिंह राणा, संतोष सेमवाल और डॉ. नागेंद्र जगूड़ी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
Leave a comment