मेरठ कैंट। एक Work Order, दो कर्मचारियों पर सजा और करोड़ों का भुगतान – मेरठ छावनी परिषद में Door-to-Door कूड़ा कलेक्शन का खेल अब PCB के अपने ही कागजों से बेनकाब हो रहा है। आरोप है कि President Cantonment Board (PCB) ने CEO को 9 महीने में तीन बार जांच के आदेश दिए, लेकिन CEO कार्यालय ने पहले दो आदेश ही दबा दिए।
पहले भी आ चुके हैं पीसीबी के लैटर
यह पहली बार नहीं है जब पीसीबी ने सीईओ कार्यालय का डोर टू डोर ठेके को लेकर कोई लैटर भेजा हो। इससे पहल भी दो लैटर सीईओ ऑफिस भेजे जा चुके हैं। 08 जनवरी 2026 को – पहला पत्र जो ठेकेदार सचिन गोयल (M/S अग्रवाल एंड कंपनी) की शिकायत पर PCB के SO (CB) कर्नल प्रभात कोहली ने पत्रांक 143101/Q3W से CEO को कहा – जांच कर 20 जनवरी 2026 तक रिपोर्ट दो। इसी क्रम में दूसरा पत्र, जो सबसे विस्फोटक माना गया वो भी उसी दिन दूसरी शिकायत, विषय ही था – “बोर्ड के अपने Page 441 और 443 से बैकडेटेड Work Order के आरोप का दस्तावेजी खंडन” और Director, Central Command की बाध्यकारी जांच 06.07.2022 का हवाला। यानी PCB को बताया गया था कि फाइल में ही सबूत है कि Work Order बैकडेटेड नहीं है।
रिपोर्ट का इंतजार
CEO ऑफिस ने क्या किया इसकी जानकारी नहीं लेकिन माना जा रहा है कि आदेश दबा दिए। 20 जनवरी की समय-सीमा गई। PCB को 5 फरवरी, 3 अप्रैल और 28 अप्रैल को तीन Reminders भेजने पड़े। रिपोर्ट आज तक नहीं गई। इसी बीच बिना तिथि के सजा: जब PCB के आदेश दबे पड़े थे, CEO जाकिर हुसैन ने 28.02.2025 को SCN No.391 और 30.04.2025 को Order No.25 से दो कर्मचारियों को दंडित कर दिया। आरोप पत्र में यह तक नहीं लिखा कि तथाकथित बैकडेटेड Work Order कब जारी हुआ। PCB को 14 अक्टूबर 2026 को तीसरा आदेश देना पड़ा: पत्रांक 143101/CBW में PCB ने लिखा – “Multaneous Payment and Penalty on a Single Work Order dt 30.03.2021 – A Rare Case of Self-Proved Corruption” और पिछले दो पत्रों के Reminders का हवाला देकर CEO को 30 अक्टूबर 2026 तक Factual Comments देने को कहा।
Public का पैसा और जनता का सवाल – घोटाला कहां है?
कागज No.1 – Work Order 30.03.2021: इसी पर CBI PE और CEO ने बैकडेटेड का आरोप लगाया। कागज No.2 – Page No.441: CEO कार्यालय का ही सरकारी पत्र दिनांक 02.04.2021 – फाइल में मौजूद। अगर Work Order बैकडेटेड होता तो 02.04.2021 को Official Letter कैसे जारी होता?अ कागज No.3 – Page No.443: दोनों कर्मचारियों की ही रिपोर्ट – “काम 48 घंटे में शुरू करा दिया गया, जबकि Work Order में 7 दिन का समय था।” इसी रिपोर्ट पर ठेकेदार को भुगतान भी हो गया।
सीधा सवाल
जब Work Order में 7 दिन का समय है और काम 48 घंटे में शुरू हो गया, तो यह बैकडेटेड कैसे हुआ? और जब 02.04.2021 का सरकारी पत्र है तो 30.03.2021 का Work Order बैकडेटेड कैसे? यही है Self-Proved Corruption: Board के अपने दो पन्ने (441 और 443) ही बता रहे हैं कि आरोप झूठा है। फिर इसी झूठे आरोप पर दो को सजा और तीसरे को क्यों छोड़ा गया? क्या इसलिए ताकि Door-to-Door कूड़ा कलेक्शन की पूरी फाइल – जिसमें Duplicate Bills, Advance Bills और करोड़ों के Multaneous Payments हैं – हमेशा के लिए बंद हो जाए? अब सबकी नजर 30 अक्टूबर पर है। CEO, PCB को क्या भेजते हैं – 9 महीने से दबाए हुए Page 441/443 वाला सच, या कोई नया गढ़ा हुआ कागज?
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