कसूरवारों पर शासन से कार्रवाई ना होने की वजह से मेरठ में जारी है गरीबों के निवालों की लूट का सिलसिला
मेरठ। सूबे की योगी सरकार की ओर से गरीबों को दिए जाने वाले निवाले पर डाला डालने वालों ने दो मासूमों को जीते जी मार डाला। मेरठ जनपद में दो बार बड़े राशन घोटाले सामने आए। पहला घोटाला राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पकड़ा और दूसरा कुछ साल पहले तत्कालीन डीएसओ विकास गौतम में कार्यकाल में प्राइवेट आपरेटर शाहनवाज की दिमाग की उजप था जिसमें करीब दो एफआईआर में सैकड़ों राशन डीलरों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया। दो को जेल भी भेजा गया। हालांकि यह भी कडवा सच है कि दोनों ही बड़े राशन घोटालों में सिस्टम किसी भी कसूरवार को सजा नहीं दिलाया पाया। सजा के नाम पर केवल राशन की दुकानें कागजों में निरस्त कर दी गयीं। हालांकि कुछ डीलर ऐसे बताए जा रहे हैं जो निरस्त कर दी गयी बतायी जा रही दुकानों को आज भी चला रहे हैं।
ये है मामला
गरीबों के निवाले पर डाके के जिस मामले का यहां जिक्र किया जा रहा है उसमें दो मासूमों को जीते जी मार डाला गय है। सरकारी रिकॉर्ड में जिंदा बच्चों को मृत दर्शाकर राशन कार्ड से उनके नाम काट दिए गए। परिवार के मुखिया की यूनिट भी परिवार का विभाजन दर्शाकर निरस्त कर दी गई। मामला सिवालखास विधानसभा क्षेत्र के गांव किनौनी का है। ऐसा नहीं कि मामले की शिकायत आला अफसरों से नहीं की गयी। आला अफसरों से सबूत के साथ शिकायत की गयी यह बात अलग है कि बजाए कसूरवारों पर कार्रवाई के अफसर कसूरवारों के पाल में नजर आए और कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि परिवार के 6 सदस्यों का नाम था, 3 का नाम हटा दिया गांव किनौनी, विकास खंड रोहटा निवासी सोनाक्षी पत्नी योगेश के नाम राशन कार्ड बना हुआ है। शिकायत के मुताबिक, राशन कार्ड संख्या 213840655396 में सोनाक्षी समेत परिवार के छह सदस्यों की यूनिट दर्ज थीं। इनमें सोनाक्षी के ससुर कालू की यूनिट को विस्थापित दर्शाकर निरस्त कर दिया गया। उनके दो बच्चों देव और परी की यूनिट भी काट दी गईं। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों बच्चों को रिकॉर्ड में मृत दर्शाया गया है, जबकि वे जीवित हैं और परिवार के साथ रहते हैं।
पति को कर दिया परिवार से अलग
निवाला चोरी करने वालों ने सोनाक्षी के पति योगेश की यूनिट भी परिवार का विभाजन दर्शाकर निरस्त कर दी गई। जबकि परिवार एक साथ रहता है। इस तरह राशन कार्ड से परिवार के तीन सदस्यों के नाम कट गए। अब कार्ड में केवल सोनाक्षी और उनके एक बेटे विराट का नाम ही शेष बताया गया है। सोनाक्षी का आरोप है कि राशन कार्ड से नाम काटे जाने के बाद उन्होंने संबंधित विभाग में शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भिजवाया है। इसमें राशन कार्ड का रिकॉर्ड जांचने, गलत प्रविष्टियों को दुरुस्त कराने और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। दिनेश गुप्ता का कहना है कि जीवित बच्चों को मृत दर्शाकर राशन कार्ड से नाम काटना गंभीर मामला है। इस तरह की गलत प्रविष्टि से बच्चों के सरकारी रिकॉर्ड में भी परेशानी पैदा हो सकती है।
गंभीर है मामला
राशन कार्ड से गलत सूचना के आधार पर यूनिट निरस्त किए जाने का मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि इसमें दो जीवित बच्चों को मृत दर्शाकर नाम काटने का आरोप है। इससे राशन कार्ड में दर्ज सूचनाओं के सत्यापन और नाम काटने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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