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BKU क्रांति का छात्र संघर्ष का समर्थन

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BKU क्रांति का छात्र संघर्ष का समर्थन
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26 जुलाई को तमाम पदाधिकारी जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर चल रहे धरना-प्रदर्शन में होंगे शामिल, छात्रों की आवाज़ दबाना बंद करे सरकार, जंतर-मंतर पर युवाओं को पूर्ण समर्थन

मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (किसान क्रांति) ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को देश के युवाओं के अधिकारों की लड़ाई बताते हुए अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। 26 जुलाई को तमाम पदाधिकारी जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर चल रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल होंगे। इनमें मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद और बागपत सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहेगे। संगठन का आरोप है कि शिक्षा, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक, छात्रवृत्ति और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने में विफल रही है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी विपिन मलिक ने कहा कि देश का युवा आज बेरोजगारी, भर्ती घोटालों, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण से परेशान है। लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करने के बाद भी नौकरी और अवसरों से वंचित रह जाते हैं। बार-बार भर्ती परीक्षाओं का रद्द होना और परिणामों में देरी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सरकार से मांग है कि केंद्र एवं राज्य सरकारों से मांग की है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, पेपर लीक माफियाओं पर कठोर कार्रवाई की जाए, लंबित भर्तियों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, छात्रों को गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराई जाए तथा युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित किए जाएं।

किसान और युवा एक-दूसरे के पूरक

संगठन के जिलाध्यक्ष निखिल राव ने कहा कि देश का किसान और युवा एक-दूसरे के पूरक हैं। जब युवा अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहा हो, तब किसानों का कर्तव्य है कि वे उसके साथ खड़े हों। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन और अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों की आवाज़ को दबाने या उनकी मांगों की अनदेखी करने का कोई भी प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, किसानों, मजदूरों और युवाओं से आह्वान किया है कि वे 26 जुलाई को जंतर-मंतर पहुंचकर छात्र आंदोलन को मजबूती प्रदान करें और युवाओं के अधिकारों की इस लड़ाई में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि ‘युवा बचेगा तो देश का भविष्य बचेगा, छात्र सम्मानित होगा तो राष्ट्र मजबूत होगा। ‘
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