नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महान समाजवादी नेता और चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लोहिया को बहुआयामी व्यक्तित्व बताते हुए देश और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया।
औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. लोहिया ने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ जनता को संगठित करने में अहम भूमिका निभाई। साथ ही वर्ष 1947 के बाद भारत की प्रगति में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। पीएम मोदी ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया एक असाधारण विचारक और सामाजिक न्याय की प्रमुख आवाजों में से एक थे। उन्होंने गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को प्रेरणादायक बताया। प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि लैंगिक समानता और सहभागी शासन को लेकर लोहिया के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और समाज को दिशा देने वाले हैं। नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “डॉ. राम मनोहर लोहिया जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। वे एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लोगों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसके बाद वर्ष 1947 के पश्चात भारत की प्रगति में योगदान दिया।” उन्होंने आगे कहा, “वे एक उत्कृष्ट विचारक और सामाजिक न्याय की प्रमुख आवाजों में से एक थे। गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने के उद्देश्य के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता आज भी कई पीढ़ियों को प्रेरित करती है।
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