नई दिल्ली। ईरानी मिसाइलों के हमले से उन देशों के लोग बहुत डरे हुए हैं, जहां ईरानी मिसाइलें कहर बरपा रही हें। इन देशों में इस बात काे लेकर भी नाराजगी है कि अमेरिका ने सुरक्षा का वादा किया और सुरक्षा ने दे पा रहा है। अमेरिका केवल इजरायल की सुरक्षा को लेकर गंभीर और एक्शन में नजर आता है। मध्य पूर्व में जारी जंग के बीच खाड़ी के कई देशों से लगातार हमले की सूचना आ रही है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने हमलों को लेकर सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। गृह मंत्रालय ने कुछ देर पहले एक्स पर एक पोस्ट में बताया, “सायरन सक्रिय कर दिए गए हैं। लोगों से अनुरोध है कि वे शांत रहें और क़रीबी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।” गृह मंत्रालय ने कहा है कि सभी लोग आधिकारिक माध्यमों से दी जाने वाली सूचना का पालन करें।
इसके साथ ही कुवैत की सेना ने मंगलवार सुबह तक एक्स पर पोस्ट में देश पर कई बार मिसाइल और ड्रोन हमलों की जानकारी दी है। सेना ने एक्स की मार्फत कुछ ही देर पहले जानकारी दी है, “कुवैती एयर डिफेंस अभी दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहे हैं।” “आर्मी के जनरल स्टाफ ने बताया है कि अगर धमाके की आवाज़ें सुनाई देती हैं, तो वे एयर डिफेंस सिस्टम के दुश्मन के हमलों को रोकने का नतीजा हैं।”
लोगों को किया अलर्ट
सेना के अधिकारियों की तरफ से सुरक्षा के लिए जारी निर्देशों का पालन करें। मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के बाद उनका मलबा गिरने से इलेक्ट्रिक ग्रिड को नुक़सान हुआ है और इससे बिजली की सप्लाई बाधित हुई है। आज सुबह इजरायल के राष्ट्रपति ने कहा है कि
”राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि अमेरिकी सेना के साथ हमने जो ज़बरदस्त कामयाबी हासिल की है, उसका फ़ायदा उठाकर समझौते में युद्ध के मक़सद को पूरा करने का एक मौक़ा है. एक ऐसा समझौता जो हमारे ज़रूरी हितों की रक्षा करेगा।”नेतन्याहू ने कहा, ”साथ ही हम ईरान और लेबनान दोनों जगह हमला करना जारी रखे हुए हैं. हम (ईरान के) मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम को ख़त्म कर रहे हैं, और हिज़्बुल्लाह पर लगातार बड़े हमले कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “कुछ ही दिन पहले, हमने दो और न्यूक्लियर साइंटिस्ट को मार दिया. हम किसी भी हालत में अपने ज़रूरी हितों की रक्षा करेंगे।”
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